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श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से मिलती है पापों से मुक्ति : आचार्य मोहन चंद

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रेणुकाजी में श्रीमद्भावगत कथा के में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद
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रेणुकाजी तीर्थ में भव्य कलश शोभायात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा शुरू
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10 मार्च को महात्मा सुंदरमुनि निर्वाण की पुण्यतिथि पर होगा समापन

संवाद न्यूज एजेंसी

ददाहू (सिरमौर)। रेणुका जी तीर्थ में निर्वाण आश्रम के संस्थापक संत शिरोमणि ब्रह्मलीन महात्मा सुंदरमुनि निर्वाण की 31वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा के दौरान पूरी रेणुका घाटी भक्तिरस में डूबी नजर आई।

कलश शोभायात्रा निर्वाण आश्रम से प्रारंभ होकर शांति संगम घाट, परिक्रमा मार्ग, सहस्रधारा, राम बावड़ी, रेणु मंच, परशुराम ताल व मंदिर परिसर से होते हुए पुनः आश्रम पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भागवत पुराण के पवित्र ग्रंथ को विधिपूर्वक पंडाल में स्थापित किया गया। कलश यात्रा की अगुवाई आश्रम के संचालक एवं महंत महात्मा रेणेन्द्र मुनि ने की।
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ढोल-नगाड़ों, शंख-घंटियों और बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ निकली शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।

कथा के प्रथम दिन कथा व्यास आचार्य मोहन चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा ही ऐसा सरल और प्रभावी साधन है, जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य पापों से मुक्त होकर जीवन के दुखों और विपदाओं से पार पा सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का नियमित श्रवण कर जीवन में धर्म, भक्ति और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया।
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श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 9 मार्च तक प्रतिदिन किया जाएगा। 10 मार्च को महात्मा निर्वाण की पुण्यतिथि पर भव्य श्रद्धांजलि सभा, संत समागम, सत्संग और भक्ति गीत-संगीत के साथ विशाल भंडारे का आयोजन होगा। संवाद
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