पाष संक्राति पर रेणुका में स्नान करते श्रद्धालु।
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धनु संक्रांति के पर्व पर रेणुका विकास बोर्ड ने हवन यज्ञ का आयोजन किया। पौष संक्रांति के पुण्य पर्व पर श्रद्धालुओं ने रेणुका झील में वीरवार को स्नान किया। हालांकि, प्रात:काल श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी। लेकिन, दिन चढ़ते ही काफी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का अचानक हुजूम उमड़ पड़ा।
सिरमौर के गिरिपार, सैनधार और धारटीधार के श्रद्धालुओं ने झील में स्नान कर मोक्ष की कामना की। उधर, वासनी से एक दर्जन के करीब श्रद्धालु नगरकोटी ब्रजेश्वरी देवी को झील में पवित्र स्नान के लिए रेणुका लाए। देवी के साथ आए श्रद्धालुओं में संदीप, प्रदीप, धनवीर, रणवीर, हेमराज, मीरा, शीला देवी, निशा, प्रिया और रीना देवी ने बताया कि कई वर्षों के बाद वह अपनी कुल देवी नगरकोटी को उनकी इच्छानुसार रेणुका झील में स्नान के लिए लाए। हिमाचल प्रांत के श्री महंत दयानंद भारती ने बताया कि संक्रांति पर्व में स्नान करने का महत्व भागीरथी, अन्य नदियां तथा समुद्र में स्नान करने के फल के बराबर है। पुराणों में लिखा है संसार के जितने भी तीर्थ हैं, उनमें रेणुका झील भी एक है। इसमें स्नान करने से मनुष्य पाप से मुक्त हो जाता है।