पांवटा-नाहन एनएच पर जर्जर हो चुके बाता पुल का मरम्मत कार्य बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। पांवटा की तरफ वाले पुल का ज्यादातर हिस्सा धंसता जा रहा है जिससे पांच स्पान एवं 5 पिल्लरों की पहले मरम्मत की जानी है। इसके बाद पूरे पुल की मरम्मत का कार्य होगा।
भारी वाहनों को जिला प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर पहले ही परिवर्तित कर दिया है। इस पुल पर खतरनाक हो चुके, स्थान की तरफ खाली ड्रम लगा दिए हैं जिससे हादसे की संभावनाओं को रोका जा सके। पुल के दोनों तरफ, पुलिस-होमगार्ड या लोनिवि कर्मचारी तैनात रहता है। इस पुल पर एक समय में एक तरफा ही हल्के वाहनों का आवागमन रखा जाता है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 1978 में पांवटा की बाता नदी में बाढ़ आई थी। इस दौरान इस पुल को खासी क्षति पहुंची थी। इस समय पानी पुल के एक किनारे को ज्यादा क्षति पहुंची थी। तब लोनिवि ने पांवटा की तरफ वाले पुल के भाग में 5 पीलर फिर से बनाए थे लेकिन ये हिस्सा कमजोर ही रहा। अभी भी सबसे ज्यादा पुल का यही हिस्सा कमजोर एवं बैठता जा रहा है। इस पुल पर केवल 9 टन वाहन भार ले जाने को पास किया था लेकिन पांवटा क्षेत्र में चलने वाले ट्राले 30 से 45 टन तक भार ले जाते हैं। बरसात में बाढ़ तथा आम दिनों में वाहनों की ओवर लोडिंग से पुल की हालत बिगड़ती रही। पिछले कुछ माह से स्थिति और भी खराब होती चली गई जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस पुल को वन-वे कर दिया।
अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस पुल की खतरनाक हो चुके पांवटा के तरफ वाले हिस्से की मरम्मत शुरू की है। उधर, एनएच प्राधिकरण के सहायक अभियंता वीके अग्रवाल ने पुष्टि कर कहा कि पहले पांवटा की तरफ वाले क्षतिग्रस्त स्पान व पिल्लरों को ठीक करवाया जा रहा है। इसके बाद पूरे पुल की मरम्मत कार्य होगा। पुल मरम्मत कार्य दो माह तक चल सकता है। संतोखगढ़ में बाता नदी पर लोनिवि के पुल के समीप से सड़क पर से होकर रूट परिवर्तित करने की योजना है।