यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों की रही हड़ताल
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह समेत लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी फिर से मुखर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्तरीय बैंक के कर्मचारियों ने अखिल भारतीय बैंक हड़ताल को व्यापक समर्थन किया। एसबीआई शाखा पांवटा साहिब के समीप विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी एकत्रित हुए। समझौते और बार-बार आश्वासनों के बावजूद मांगें पूरी नहीं की जा रही। शुक्रवार को हड़ताल के दौरान मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी भी की गई। हड़ताल के कारण विभिन्न स्थानों पर सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहा।
शुक्रवार को यूनियन नेताओं राकेश चौहान क्षेत्रीय इकाई के सचिव, सुनील ठाकुर डीजेडएस यूकों बैंक, हेमंत कुमार, सुरजीत सिंह, दिनेश राठौर, रचित शर्मा, बबली कपूर सहित नेशनल बैंक शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल पर जाने के लिए विवश किया गया हैं, क्योंकि उनकी न्यायोचित मांगें औपचारिक समझौते और बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद पूरी नहीं की गईं।
प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग की है, जिस पर मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच समझौता हुआ था। ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सहमत व्यवस्था लागू नहीं हुई है। हड़ताल की सफलता ने साफ कर दिया है कि बैंक कर्मचारी इन मुद्दों पर। एकजुट हैं। हम कोई अनुचित रियायत नहीं मांग रहे, बल्कि पहले से हुए समझौते के क्रियान्वयन और लंबित मुद्दों के न्यायसंगत समाधान की मांग कर रहे हैं।
राकेश चौहान और सुनील ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों में वर्ष 1985 से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। राज्य सरकारों, जिला कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर विभाग, शेयर बाजार, भारतीय रिजर्व बैंक और एलआईसी में भी पांच दिन कार्य की व्यवस्था है। इनमें से अधिकांश संस्थानों में सप्ताहांत पर कोई वैकल्पिक भौतिक सेवा उपलब्ध नहीं होती, जबकि बैंक एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई तथा अन्य डिजिटल और वैकल्पिक माध्यमों से ग्राहकों को 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों ने कहा कि विश्व के लगभग सभी देशों में पांच दिवसीय बैंकिंग सामान्य व्यवस्था है। मार्च 2024 में हुए समझौते के तहत यूनियनों ने प्रत्येक कार्यदिवस में कार्य और बैंकिंग व्यवसाय के समय को 40 मिनट बढ़ाने पर भी सहमति दी थी, ताकि शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने से ग्राहकों के लिए उपलब्ध कुल बैंकिंग समय में कोई कमी न आए। हड़ताल में शामिल प्रत्येक बैंककर्मी ने अपनी सामूहिक मांग के समर्थन में एक दिन का वेतन त्याग किया।-