एनएच-707 कटिंग मलबा खाले में फेंकने का विरोध, आश्वासन मिलने पर खोला मार्ग
दी चेतावनी, एनएच निर्माण मलबा फेंका गया तो अब पूरा गांव उतरेगा सड़क पर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब/सतौन(सिरमौर)। पांवटा साहिब शिलाई गुम्मा एनएच-707 पर तिलौरधार के पास शुक्रवार को ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम किया। ग्रामीण एनएच कार्य के दौरान निकलने वाले मलबे को नालीगाड में सीधे खड्ड में फेंकने से आक्रोशित हैं। इसकी शिकायत एसडीएम के माध्यम से जिला प्रशासन से की गई। तीसरे दिन आक्रोशित शमाह गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। बाद में एसडीएम कफोटा व प्रोजेक्ट डायरेक्टर का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने मार्ग खोला।
स्थानीय निवासी रति राम, चुहिया राम, रघुबीर शर्मा, सुनील शर्मा, विनोद शर्मा ग्राम पंचायत प्रधान, विपिन, बंटी, बालक राम, रमन शर्मा, सुदेश कुमार, माया राम शर्मा, राजेश शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, विक्रम शर्मा रिंकू, अंकित शर्मा, अमित शर्मा, मदन शर्मा, सतीश कुमार, ओम प्रकाश शर्मा, राकेश शर्मा, रविन्द्र शर्मा व विशाल धीमान का कहना है कि आग्रह करने के बावजूद एनएच निर्माण कंपनी व ठेकेदार मलबा खड्ड में फेंक रहे हैं। जिससे पेयजल स्त्रोतों, उपजाऊ भूमि व घरों को खतरा पैदा हो रहा है। पहले से ही पिछले दो दशकों से ग्रामीण गांव धंसने से परेशान हैं।
चार दिन पहले ग्रामीणों ने एसडीएम कफोटा को शिकायत पत्र सौंपा है। इसके बावजूद कार्य का मलबा सीधा नालीगाड खड्ड में फेंका जा रहा। इसके विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर उतर कर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान चक्का जाम किया गया। बाद में एसडीएम कफोटा, प्रोजेक्ट के डायरेक्टर, मैनेजर व जिला परिषद सदस्य के आश्वासन पर गांव वालों ने जाम खोल दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि आश्वासन मिला है कि जब तक डंपिंग यार्ड नहीं बनेगा। तब तक प्रोजेक्ट मैनेजर मार्ग निर्माण कार्य नहीं करने देंगे। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर मलबा फिर से शमाह खड्ड में फेंका गया तो गांव की महिलाओं व बच्चों समेत एनएच पर धरना देंगे। एनएच कार्य के मलबे को डंप करने को जब तक डंपिंग यार्ड नहीं बनाया आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रोजेक्ट डायरेक्टर को सौंपा ज्ञापन
- शमाह गांव का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पांवटा साहिब पहुंचा। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शाश्वत मोहापात्रा से मुलाकात कर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। आश्वासन मिलने के बाद गांव वालों ने जाम खोल दिया है।
तिलौरधार के समीप मलबा खडड में फेंकने का विरोध करते ग्रामीण: स्त्रोत: ग्रामीण