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सफेद हाथी बना नाहन में 100 बिस्तर का मेक शिफ्ट अस्पताल

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नाहन के जुड्डा का जोहड़ में बना मेक शिफ्ट अस्पताल (फाइल फोटो)। संवाद - फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने के मकसद से नाहन के जुड्डा का जोहड़ में बनाया गया 100 बिस्तर का मेकशिफ्ट अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। तैयार होने के करीब सात महीने के बाद भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इसे शुरू नहीं कर पाया है।
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सिरमौर जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सक्रिय मामलों का आंकड़ा 200 के पार पहुंचा चुका है। बावजूद इसके अभी तक इसे चालू नहीं किया गया है। विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मेकशिफ्ट अस्पताल के लिए स्टाफ न होने और अभी इसकी जरूरत न पड़ने की दलील दे रहा है लेकिन चर्चा है कि करोड़ों की राशि खर्चने के बाद तैयार किए गए इस अस्पताल को क्यों शुरू नहीं किया जा रहा है।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के कोरोना अस्पताल में 30 बिस्तर की व्यवस्था है। गौरतलब है कि गत दिसंबर माह में सभी सुविधाओं से लेस जुड्डा के जोहड़ में 100 बिस्तरों का मेकशिफ्ट अस्पताल तैयार किया गया। इसमें ओपीडी के अलावा दो आईसीयू बनाए गए हैं, जिन्हें मेनीफोल्ड ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़ा गया है।
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एक साथ छह सिलिंडर से दोनों आईसीयू में ऑक्सीजन पहुंचाने की सुविधा दी गई है। दोनों आईसीयू में आठ बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सात आईसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। हर एक वार्ड में 13 बिस्तर की सुविधा है। इन वार्डों में 91 बिस्तर उपलब्ध हैं। एक चिकित्सक रूम बनाया गया है। इसके साथ हर वार्ड में दो-दो शौचालय, गीजर, पंखे और एयर कंडीशनर की व्यवस्था है।
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. श्यामलाल कौशिक ने बताया कि स्टाफ न होने के चलते मेकशिफ्ट अस्पताल को कार्यात्मक नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में 30 बिस्तर की व्यवस्था है। ऐसे में मेकशिफ्ट अस्पताल की अभी जरूरत भी नहीं पड़ी है। उन्होंने कहा कि स्टाफ उपलब्ध होने पर इसे कार्यात्मक कर दिया जाएगा।
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