सचित्र परिचर्चा
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। इन दिनों स्कूलों में नए शिक्षा सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में, सरकारी स्कूलों में अधिक दाखिले को लेकर सरकारी स्कूल सजग नजर आ रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन पंफलेट और दूसरे माध्यमों से अभिभावकों को अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कई स्कूलों को सीबीएसई से भी संबद्ध किया गया है। स्कूल प्रबंधनों ने जहां स्कूल की बाहरी दीवार पर सरकार की ओर से छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं को चस्पां किया है, वहीं शिक्षक भी अभिभावकों को अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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सरकारी स्कूलों में बदल गए हालात, दी जा रही बेहतरीन सुविधाएं
1. सलानी कटोला स्कूल की शिक्षिक सपना ने कहा कि अभिभावक अपनी सोच बदलें और सरकारी स्कूल में बच्चे का दाखिला करवाएं। यहां निजी स्कूलों की तर्ज पर सभी सुविधाएं बच्चों को दी जा रहीं हैं।
2.बोहलियों स्कूल की शिक्षक अनिशा चौहान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित अध्यापक गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दे रहे हैं, बच्चों को मुफ्त में पुस्तकें देने के साथ-साथ उनके पोषण के लिए निशुल्क भोजन की भी व्यवस्था है। इसका लाभ सभी को उठाना चाहिए।
3. पूर्व बीआरसीसी रेखा चौहान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेल गतिविधियां भी हो रही हैं। मां-बाप पर आर्थिक बोझ न पड़े इसके लिए निशुल्क वदीं तक सरकार दे रही है। अभिभावकों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
4. शिक्षक जागृति शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से बीपीएल, एससी/एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना, व्यवसायिक शिक्षा में एक हजार रुपये के कौशल विकास भत्ते तक की सुविधा दी है। अभिभावक निसंकोच सरकारी स्कूलों का रुख करें और सुविधाओं को लाभ उठाएं।
-संवाद
शमशेर स्कूल नाहन में दाखिला लेने के बाद पहली लड़की का मुंह मीठा करवाते शिक्षक। संवाद
शमशेर स्कूल नाहन में दाखिला लेने के बाद पहली लड़की का मुंह मीठा करवाते शिक्षक। संवाद
शमशेर स्कूल नाहन में दाखिला लेने के बाद पहली लड़की का मुंह मीठा करवाते शिक्षक। संवाद
शमशेर स्कूल नाहन में दाखिला लेने के बाद पहली लड़की का मुंह मीठा करवाते शिक्षक। संवाद