बस किराया 15 फीसदी वृद्धि का फैसला वापस ले सरकार : एबीवीपी
कहा, आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को सरकार ने दिया झटका
फैसला वापस नहीं लिया तो एबीवीपी करेगी उग्र आंदोलन : अभी ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश भर में बस किराया बढ़ोतरी का विरोध करेगी। पहले ही महंगाई से परेशान जनता पर प्रदेश सरकार बस किराया बढ़ोतरी थोप रही है। सरकार ने ये फैसला तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिया तो प्रदेश स्तर पर एबीवीपी धरना प्रदर्शन समेत उग्र आंदोलन शुरू करेगी। एबीवीपी विभाग सह संयोजक अभी ठाकुर ने प्रेस बयान में ये बात कही।
एबीवीपी विभाग के सह संयोजक अभी ठाकुर, वंश भंडारी, शिवानी चौहान व जतिन कश्यप ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार का फैसला गलता है। 15 फीसदी बस किराया बढ़ोतरी करके आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने का प्रयास किया जा रहा है। ये कदम पूरी तरह गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ धोखा है।
आम जनता पर इसकी सीधी मार पड़ेगी। पहाड़ी राज्य में छात्र-छात्राएं व आम जनता पर आर्थिक बोझ है। रोज विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल समेत शैक्षणिक संस्थानों के बच्चे बसों के माध्यम से ही संस्थानों तक पहुंचते हैं। ऐसे में बस किराया कमर तोड़ने वाला साबित होगा। एक छात्र को महीने में कई बार बस यात्राएं करनी पड़ती है। कॉलेज, स्कूल, कोचिंग, लाइब्रेरी व प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए भी बसों से जाना होता है। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के लिए शिक्षा को महंगा बना दिया गया।
एबीवीपी ने मांग उठाई है कि प्रदेश सरकार तुरंत इस फैसले को वापस लें। विद्यार्थियों को विशेष रियायत 50 फीसदी छूट दी जाए। आम जनता के साथ छात्र समुदाय भी इस फैसले से आक्रोशित है। अभी ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि फैसला नहीं बदला तो पूरे प्रदेशभर में एबीवीपी का उग्र आंदोलन होगा।
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