सीटू के जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ मेहनतकश वर्करों के जीवन व गुजर बसर से अनजान है और दूसरी तरफ नाममात्र के मानदेय पर कार्य कर रहे वर्करों को अनावश्यक कार्य थोपे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कामगारों को विभाग की ओर से 16 से अधिक रजिस्टर तैयार करने का जिम्मा है। जिन मासिक रजिस्टरों को आंगनबाड़ी वर्कर्स ने भरना है वह रजिस्टर सरकार व संबंधित विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। अब रजिस्टर प्रिंटिंग करवाने की जिम्मेवारी भी वर्करों को सौंप दी गई है। यही नहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक आहार भी उपयुक्त मात्रा में उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है जिसका शिशुओं एवं माताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की ओर से सरकार व विभाग से मांग की है कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए रजिस्टरों सहित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाए।