नाहन (सिरमौर)। जाली नोटों के मामले में गिरफ्तार किए गए विकास कुमार ने पुलिस के समक्ष कई अहम सुराग उगले हैं। अब आरोपी के घर में नकली नोट सप्लाई करने वाले एक ट्रक चालक की नाहन पुलिस को तलाश है।
विकास कुमार ने पुलिस को बताया कि वह ट्रक चालक काफी पहले से उनके यमुनानगर स्थित घर पर आता-जाता था और उनके पिता राजाराम प्रसाद को नकली नोट देता था। पिता के गिरफ्तार होने के बाद यह काम उनकी मां ने शुरू कर दिया, लेकिन कुछ समय बाद हरियाणा पुलिस ने उसकी मां को भी गिरफ्तार कर लिया।
वर्तमान में विकास कुमार के माता-पिता जेल में हैं। उसी ट्रक चालक ने अब विकास कुमार को नकली नोटों की तस्करी में झोंक दिया। पुलिस के मुताबिक उस ट्रक चालक ने विकास कुमार के साथ डील की थी कि एक हजार रुपये का नकली नोट चलाने पर उसे 200 रुपये बतौर कमीशन मिलेगी। विकास कुमार ने बाद में 100 रुपये कमीशन पर नाहन में दो आरोपियों अनिल कुमार एवं हरिंद्र कुमार निवासी करमवा जिला बेतिया (बिहार) को धंधे पर लगा दिया, लेकिन वह 22 सितंबर को नाहन में एक हजार के एक नकली नोट के साथ गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद जाली नोट प्रकरण का भंडाफोड़ हुआ। दोनोें गिरफ्तार आरोपियाें की निशानदेही पर नकली नोटों का सरगना विकास कुमार 4 अक्तूबर को यमुनानगर से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह यमुनानगर स्थित गुरुनानक खालसा स्कूल में 12वीं का छात्र है। उसके पिता राजाराम चरस रखने के आरोप में और माता नकली नोटों के कारोबार के मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं।
नाहन पुलिस ने यमुनानगर स्थित उनके घर से हजार-हजार के दो जाली नोट बरामद किए थे। बुधवार को विकास कुमार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एएसपी एनएस नेगी ने बताया कि गिरफ्तार विकास से पूछताछ की जा रही है। हरियाणा पुलिस से संपर्क कर ट्रक चालक का पता लगाया जा रहा है।
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