पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब शहर के बीचों बीच नेशनल हाईवे से होकर प्रस्तावित फोरलेन के विरोध में विभिन्न संस्थाओं ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। विभिन्न संस्थाओं ने एक्शन कमेटी का गठन कर कहा कि धार्मिक नगरी को उजड़ने से बचाने के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
पांवटा साहिब में विभिन्न संस्थाओं की संयुक्त बैठक रविवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता राजेंद्र मोहन रमौल ने की। फोरलेन निर्माण से धार्मिक नगरी पांवटा को पहुंचने वाले नुकसान पर चिंतन किया गया। शहर के बीचों बीच करीब चार किलोमीटर के हिस्से में इस योजना का विरोध करने का फैसला लिया गया। इसके लिए एक दर्जन सदस्यों की की एक एक्शन कमेटी गठित की गई। जो इस मुद्दे को लेकर सीएम से लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलेगी। सर्वसम्मति से व्यापार मंडल के प्रधान अनिंद्र सिंह नौटी को एक्शन कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। जबकि आरएम रमौल, नरेश खापड़ा, एनपीएस सहोता, एकांत गर्ग, अजय शर्मा, हिमांशु भाटिया, एसएल मेहता, ओपी कटारिया, संजय सिंघल, एमआर वर्मा व एसएस गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।
सिरमौर नागरिक कल्याण समिति अध्यक्ष आरएम रमौल, चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष सतीश गोयल, अजय शर्मा, हिमांशु भाटिया व एमआर वर्मा ने कहा कि गुरु की नगरी के बीचों बीच फोरलेन से ऐतिहासिक व धार्मिक शहर उजड़ जाएगा। इसलिए केंद्र सरकार व एनएच प्राधिकरण के समक्ष शहरी क्षेत्र से बाहर बाईपास का विकल्प तलाशने की मांग उठाई जाएगी। ऐसा नहीं किया गया तो संघर्ष किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर शहरी क्षेत्र से बाहर ही बाईपास का प्रावधान किया गया है। पांवटा के चार किलोमीटर क्षेत्र को ही क्यों फोरलेन के नाम पर तहस नहस किया जा रहा है। बैठक में केंद्र सरकार से हिमाचल को औद्योगिक पैकेज प्रदान करने, पांवटा पुलिस डिस्ट्रिक बनाने, केंद्र की फूड प्रोसेसिंग योजना के तहत सिरमौर में यूनिट लगाने और अधर में लटकी कोल्ड स्टोर योजना पर भी चर्चा की गई। बैठक में एमएल गुप्ता, एमएल अग्रवाल, श्याम चंद, केसी नागपाल, एसएल मेहता, मोही राम चौहान, समीर शर्मा, एकांत गर्ग, एनएन खतरी, चतर सिंह चौधरी, एमएस कैंथ, अजय शर्मा, पीके सिंघल, ओपी कटारिया और डॉ. जेपी शर्मा समेत करीब एक दर्जन संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।