नाहन (सिरमौर)। जिला के रंगकर्मी और कलाकार हताश हैं। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच नसीब नहीं हो रहा। नाहन में पांच करोड़ से ऑडिटोरियम बनना है जिसका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2017 में किया था लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी इसके निर्माण में एक ईंट नहीं लग पाई। इससे कलाकारों में भारी रोष है।
कलाकारों का कहना है कि पहले भूमि न मिलने के कारण ऑडिटोरियम का कार्य बजट के बावजूद सालों तक अधर में लटका रहा। अब जबकि बजट और भूमि दोनों है, इसका शिलान्यास तक हो चुका है। इसका कार्य शुरू न होना कलाकारों से सरासर अन्याय है।
उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनिल शर्मा ने कहा कि ऑडिटोरियम की ड्राइंग तैयार की जा रही है। उसके बनते ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
वरिष्ठ कवि भुवन जोशी ने कहा कि ऑडिटोरियम का कार्य पहले भूमि न होने से सालों लटका रहा। अब जबकि शिलान्यास तक हो चुका है ऐसे में इसका निर्माण न किया जाना सही नहीं है।
कलाकार अमृता ने कहा कि धन और मंच का अभाव उनकी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं होने दे रहा है। ऑडिटोरियम जल्द बने तो कलाकारों को राहत मिल जाएगी।
कलाकार मनीषा ठाकुर ने कहा रंगकर्मियों की कई पीढ़ियां ऑडिटोरियम के सपने के साथ इस दुनिया से चली गईं। वर्तमान के रंगकर्मियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। इसे जल्द बनाया जाना चाहिए।
कवि राकेश भारद्वाज ने कहा कि ऑडिटोरियम से कलाकारों को मंच ही नहीं, बल्कि उन्हें ठहरने और अन्य कई तरह की सुविधा भी मिलेगी। इसे जल्द बनाया जाना चाहिए।
कवि शून्य विनोद ने कहा कि बेहतर मंच के अभाव में पहले ही कई प्रतिभाएं दम तोड़ चुकी हैं। मौजूदा समय की प्रतिभाओं के साथ न्याय होना चाहिए। इसके निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उधर वरिष्ठ कवि दीपचंद कौशल ने कहा कि ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। इसके न होने से कलाकारों को बेहतर मंच नहीं मिल रहा है।