शरली गांव में पेयजल किल्लत, ग्रामीण परेशान
गांव के निचले हिस्से में चार दिन से नहीं हुई पेयजल आपूर्ति
ग्रामीणों ने दी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)।
कफोटा उपमंडल की शरली पंचायत के शरली गांव में पिछले चार दिन से पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पेयजल आपूर्ति न होने से ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। हैरानी की बात है कि क्षेत्र में माकूल पानी होने के बावजूद भी गांव के निचले हिस्से में ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों का विभाग के प्रति रोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया तो लोग विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीण ओमप्रकाश, कांता देवी, सज्जो देवी, ग्यारू देवी, महेंदी देवी, केदार सिंह, रंगीराम ने बताया कि विभाग पानी का वितरण सही नहीं कर रहा है जिस कारण गांव के 150 घरों में से 70 परिवारों को चार दिन से पानी नहीं मिल रहा है। लोगों को पानी की बूंद-बूंद का मोहताज होना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि नीचे के आधे गांव में पानी नहीं आ रहा है। वैसे तो पानी की किल्लत महीनों से हो रही है, लेकिन पिछले चार दिन से उनके घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। न ही ग्रामीणों के पास पीने के पानी का और कोई विकल्प है।
ग्रामीणों ने बताया कि आईपीएच विभाग ने कंट्रोल वॉल और चैंबर की कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। लिहाजा गांव के ऊपरी हिस्से में तो पानी की आपूर्ति होती है लेकिन नीचे के गांव में पानी ही नहीं पहुंच पाता। ऊपर गांव में लोगों के पेयजल टैंक पानी से लबालब रहते हैं जिससे पता चलता है कि पानी की कोई दिक्कत नहीं है। बस पानी की आपूर्ति सही मात्रा में नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत विभाग को कई बार की जा चुकी है। जब इसकी शिकायत की जाती है तो कुछ दिन पानी सही रहता है लेकिन उसके बाद फिर वही स्थिति पैदा हो रही है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पानी का वितरण सही नहीं किया तो वह सभी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
उधर, सहायक अभियंता कफोटा उपमंडल राजेंद्र चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति की जा रही है। उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्मियों में वैसे भी पानी की किल्लत हो जाती है। यदि कोई ग्रामीण पेयजल से खेतों की सिंचाई करते हुए पाया गया तो उसका कनेक्शन उसी समय काट दिया जाएगा।
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