नाहन (सिरमौर)।
पीजी कॉलेज नाहन में छात्रों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। तीन हजार से अधिक छात्रों की संख्या वाले इस कॉलेज में आग से सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं है। शनिवार को कॉलेज भवन के एक ब्लॉक में लगी आग ने तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है।
करीब 54 साल बाद पीजी कॉलेज नाहन को अपना भवन तो नसीब हुआ लेकिन नए कॉलेज भवन में शिफ्टिंग के दौरान हुए अग्निकांड ने कॉलेज प्रशासन व लोक निर्माण विभाग की व्यवस्थाओं पर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। हाल ही में नए कॉलेज भवन में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई है। साथ ही सारा रिकार्ड भी पुराने कॉलेज से जडजा स्थित नए भवन में शिफ्ट कर दिया है लेकिन कॉलेज प्रशासन की व्यवस्थाओं में चूक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नए कॉलेज में शिफ्ट होने से पहले न तो दमकल विभाग से फायर एनओसी ली गई और न ही सुरक्षा के अन्य कोई इंतजाम किए गए।
लोक निर्माण विभाग ने भी नए कॉलेज का भवन बनाते वक्त हाइड्रेंट व हाजरिल आदि की व्यवस्था नहीं की। तर्क दिया जा रहा है कि भवन की ड्राइंग में ऐसी व्यवस्था नहीं थी। औपचारिकता के तौर पर कॉलेज में सिर्फ ड्राई केमिकल पाउडर के सिलेंडर पाए गए लेकिन उनसे भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अभी तक कॉलेज प्रशासन ने नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने से पहले दमकल विभाग से कॉलेज का निरीक्षण नहीं करवाया। दमकल विभाग के निरीक्षण के बाद ही रिक्वायरमेंट के अनुसार फायर संयंत्र लगाए जा सकते हैं। बड़ा सवाल यही है कि नई बिल्डिंग में न तो कोई कार्बन डाईऑक्साइड सिलेंडर लगा है और न ही अन्य संयंत्र।
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नहीं ली फायर एनओसी
उधर, अग्निशमन विभाग के फायर अधिकारी मेहर सिंह ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने नई बिल्डिंग के लिए फायर एनओसी नहीं ली है। न ही दमकल विभाग ने कॉलेज का इंस्पेक्शन किया है। निरीक्षण के बाद ही फायर संयंत्रों के लिए विभाग रिक्वायरमेंट देता है।
1963 में मिला था कॉलेज
जिला मंडी के बाद नाहन को 1963 में कॉलेज मिला था। 54 साल तक शिक्षा विभाग के नाम हुए एक भवन में कॉलेज की कक्षाएं चलीं। हाल ही में नया कॉलेज भवन तैयार होने के बाद शिफ्टिंग की गई। हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 16 करोड़ की लागत से बने नए कॉलेज भवन का उद्घाटन किया था।