सिरमौर में होली पर्व पर उड़ेगा खूब हर्बल गुलाल
86 स्वयं सहायता समूहों ने बनाए आर्गेनिक रंग
अकेला बंधन समूह बेचेगा 50 किलोग्राम गुलाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। होली त्योहार पर जिला सिरमौर में हर्बल गुलाल उड़ेगा। जिले के 86 स्वयं सहायता समूहों ने होली के लिए प्राकृतिक गुलाल तैयार किया है। इसका त्वचा पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।
दरअसल, सिरमौर में महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। जिले में एनआरएलएम के तहत करीब 3,946 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। समूहों की महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार जैसे फूड प्रोसिंग में आचार, पापड़, जूस, स्क्वैश, मुरब्बा के अलावा जूट बैग, पाइन फर्नीचर आदि पर प्रमुखता से कार्य कर रहे हैं।
वर्तमान में जिले में करीब 86 स्वयं सहायता समूह होली के लिए प्राकृतिक यानी हर्बल गुलाल बनाने का कार्य कर रहे हैं। इन समूहों की ओर से तैयार रंगों को डीआरडीए के खंड स्तर पर निर्मित हिमिरा दुकान में विक्रय के लिए रखा गया है। कुछ समूह अपने स्तर पर रंगों को तैयार कर बाजार में विक्रय कर रहे हैं।
नाहन के समीप देवनी पंचायत के बंधन स्वयं सहायता समूह ने इस बार होली के लिए पांच रंगों का करीब 50 किलो हर्बल गुलाल रंग तैयार किया है। समूह ने मोगीनंद के मुख्य मार्ग पर स्टाल लगाकर इस रंग का विक्रय करने की तैयारी कर ली है।
समूह की प्रधान शिप्रा राय ने बताया कि इस बार होली पर आर्गेनिक रंगों की एडवांस बुकिंग आ गई है। पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में आर्गेनिक रंगों की काफी मांग है।
उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने बताया कि जिले में स्वयं सहायता समूह बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी 86 स्वयं सहायता समूह होली के आर्गेनिक रंग तैयार कर रहे हैं। कुछ समूह जहां अरारोट के साथ फूड कलर मिलाकर रंग बना रहे हैं तो कई समूह पालक, चुकंदर और गेंदे के फूल से हर्बल कलर बना रहे हैं।
यह एक बेहतरीन और सराहनीय प्रयास है। आर्गेनिक रंग त्वचा, आंखें और स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल हैं और पर्यावरण के लिए भी लाभदायक हैं।
...हितेश