अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज के पास स्थापित डस्टबिन समय पर साफ नहीं होते। लिहाजा, कई बार डस्टबिन से कचरा इधर-उधर फैल रहा है। नगर परिषद की ओर से मेडिकल कॉलेज को गंदगी फैलाने पर दिए नोटिस का संज्ञान लेते हुए प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। नप को भेजे गए जवाब में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कई बिंदुओं का उल्लेख करते हुए अपना तर्क दिया।
गौरतलब है कि नगर परिषद ने सफाई की उचित व्यवस्था न होने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन समेत कई विभागों को नोटिस भेजे हैं। अमर उजाला ने 19 जनवरी के अंक में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। अब नोटिस के जवाब में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने साफ तौर पर कहा कि नगर परिषद के डस्टबिन समय पर साफ नहीं होते। बंदर और लावारिस पशु भी गंदगी में अपना मुंह मार रहे हैं। ऐसे में भी कूड़ेदान से गंदगी बाहर पसर रही है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों और तीमारदारों के लिए भंडारे लगाए जाते हैं। भंडारों की व्यवस्था कॉलेज के बाहर सड़क पर ही होती है। ऐसे में भंडारे लगाने वाले सफाई के लिए जिम्मेदार हैं। मेडिकल कॉलेज का इससे लेना-देना नहीं है। वहीं, कॉलेज परिसर में चल रही कैंटीन रेडक्रॉस के तहत चल रही है। इसके अलावा कॉलेज प्रबंधन ने सफाई कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अस्पताल में सफाई व्यवस्था बनाए रखें। खुले में बह रही सीवरेज के मसले पर कॉलेज प्रबंधन ने जल्द इसका प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। अस्पताल की नई ओपीडी की धरातल मंजिल के साथ बह रही सीवरेज को बंद किया जाएगा। उधर, मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीडी शर्मा ने बताया कि नप को नोटिस का जवाब भेज दिया है। साथ ही इसकी प्रति उपायुक्त को भी भेजी गई है। उन्होंने बताया कि डस्टबिन की समय पर सफाई न होना गंदगी फैलने का मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि अपने सफाई कर्मियों को भी इस मसले पर हिदायत दी गई है। सीवरेज को बंद करने के लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।