नाहन (सिरमौर)। होमगार्ड कर्मचारी से मारपीट करने, वर्दी फाड़ने और ड्यूटी में बाधा पहुंचाने के मामले में सीजेएम नाहन की अदालत ने दो दोषियों को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना न देने की सूरत में दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बुधवार को सीजेएम नाहन डॉ. आबीरा बासु की अदालत ने नाहन तहसील के तहत आने वाले बनेठी गांव निवासी अनुराग व गुन्नूघाट निवासी विनोद कुमार को यह सजा सुनाई। दोनों दोषियों को अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 353 व 332 के तहत दर्ज मामले में सजा सुनाई है। मुकदमे की पैरवी सरकार की ओर से सहायक जिला न्यायवादी रूमिंद्र बैंस ने की। एपीपी रूमिंद्र बैंस ने बताया कि मामला दो मई 2016 का है। होमगार्ड कर्मचारी मुकेश कुमार की ओर से दर्ज इस मामले में अदालत ने दो लोगों को दोषी करार दिया है। उन्होंने बताया कि होमगार्ड जवान की ड्यूटी एक मई की रात नाहन अस्पताल में थी। रात करीब 10:20 बजे दोषी मोटरसाइकिल लेकर अस्पताल के मुख्य गेट से अंदर आने लगे तो होमगार्ड कर्मी ने उन्हें वाहन लेकर अंदर लेकर आने से मना कर दिया। इस पर दोनों दोषियों ने पहले उसके साथ बहसबाजी की और बाद में लात घूंसों से मारपीट करने लगे। मारपीट में दोनों ने होमगार्ड कर्मी की वर्दी फाड़ दी। इससे सरकारी ड्यूटी में भी बाधा पहुंचाई गई। सहायक जिला न्यायवादी ने बताया कि बुधवार को अदालत ने सभी गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को 2-2 साल के कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि जुर्माना न देने की सूरत में दोनों दोषियों को सात-सात दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।