भाजपा को महंगा पड़ा अत्यधिक आत्मविश्वास
धुरंधर नेताओं की जुगलबंदी भी नहीं कर पाई करिश्मा
कांग्रेस में की सेंधमारी और अपने ही कुनबे में लगी सेंध
देवराज शर्मा
नाहन/सराहां (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश की सत्ता में हुए परिवर्तन के बाद कांग्रेस के कुनबे में सेंध लगाने वाली पच्छाद भाजपा अपने ही कुनबे को संभाल नहीं पाई। पंचायत चुनाव में सात सदस्य जीतकर भाजपा बीडीसी की सत्ता से दूर हुई थी। हिमाचल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही भाजपा ने कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर एक सदस्य को अपनी ओर कर बहुमत हासिल किया। अविश्वास प्रस्ताव लाने में भी भाजपा कामयाब हो गई लेकिन, क्रॉस वोटिंग ने भाजपा के बने बनाए सियासी खेल को ही बिगाड़ दिया।
बीडीसी पर कब्जा करने के लिए भाजपा ने एड़ी-चोटी को जोर लगाया था। भाजपा पूरी तरह से आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में उतरी। कांग्रेस खेमे से सात सदस्य एक साथ पंचायत समिति हॉल तक पहुंचे तो भाजपा खेमे से आठ सदस्य। पहले ही जाहिर हो गया था कि कांग्रेस के हाथ से बीडीसी की सत्ता छिटकने वाली है। विधायक सुरेश कश्यप और सहकारी बैंक के निदेशक एवं किसान मोर्चा के राज्य अध्यक्ष बलदेव भंडारी भी मौके पर मौजूद रहे। लेकिन, दोनों धुरंधर नेताओं की यह जुगलबंदी खास करिश्मा नहीं दिखा पाई। मतदान के बाद सामने आए परिणामों ने सबको चौंका दिया। क्योंकि क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बन गया, जिसे हर कोई हक्का-बक्का रह गया। अब सवाल यह है कि भाजपा के कुनबे में सेंध कैसे और क्यों लगी? भाजपा ने एक सदस्य को अपनी ओर मिलाकर अविश्वास तो प्रस्ताव लाया था लेकिन, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए मतदान हुआ तो एक सदस्य कांग्रेस की ओर खिसक गया।
कब क्या हुआ
31 अगस्त को पंचायत समिति पच्छाद के कुछ सदस्यों ने पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया था। पंचायत चुनाव में सात सदस्यों वाली भाजपा ने आठ सदस्य पूरे कर यह कदम उठाया। 15 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मतदान हुआ तो अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया। लेकिन, तीन अक्तूबर को भाजपा का यह अविश्वास प्रस्ताव करारी हार मिलने के बाद औंधे मुंह गिर गया।
यह सत्य की जीत है। पच्छाद की जनता भाजपा द्वारा किए जा रहे एक के बाद एक षड्यंत्र को भली-भांति देख रही है। यह तो एक ट्रेलर है। पूरी पिक्चर अभी बाकी है। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा चारों खाने चित होगी। -जीआर मुसाफिर, पूर्व विस अध्यक्ष
पच्छाद पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर क्रॉस वोटिंग हुई है। भाजपा के पास जो आठ पंचायत समिति सदस्य थे, उनमें से ही किसी ने गद्दारी की है। चुनाव से पहले भी आठ सदस्य उनके साथ थे। -सुरेश कश्यप, विधायक पच्छाद