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मदद को भटक रहा तेंदुए के हमले से घायल हुआ अमर

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मदद को भटक रहा तेंदुए के हमले से घायल अमर
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वन विभाग ने इलाज के लिए नहीं दी मदद
सतौन (सिरमौर)। गत मई माह में तेंदुए के हमले से घायल हुआ शावगा पंचायत के जुईनल गांव का 58 वर्षीय अमर सिंह सरकारी मदद के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। बुरी तरह से जख्मी हुए अमर सिंह को सरकारी मदद की दरकार है। उनका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। हर महीने दवाई पर हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन वन विभाग की ओर से मदद के नाम पर अभी तक एक रुपया भी नहीं मिला।
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जनपद सिरमौर की शावगा पंचायत के अंतर्गत जुईनल के अमर सिंह पर 14 मई को तेंदुए ने हमला कर दिया था। वह टमाटर के खेत में कार्य कर रहा था। तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया था। पांच मिनट तक चली लड़ाई में ग्रामीणों ने अमर सिंह को कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए के चुंगल से छुड़ाया। उसके बाद अमर सिंह को 108 की मदद से पांवटा अस्पताल ले जाया गया।, जहां से उसे नाहन और फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। अमर सिंह का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चला हुआ है। हर महीने दवाइयों पर हजारों खर्च हो रहे हैं लेकिन, वन विभाग से अमर सिंह को कोई मदद नहीं मिली है। जबकि, शुरुआती इलाज के दौरान लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च आ चुका है लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह अपना उपचार नहीं करवा पा रहा। दाईं बाजू काम करने के योग्य भी नहीं है। इससे खेतीबाड़ी भी नहीं हो रही। हैरत यह है कि वन विभाग ने मदद के नाम पर पीड़ित को फौरी राहत तक नहीं दी। इस संदर्भ में आरओ कफोटा महेंद्र सिंह ने बताया कि वन रक्षक को पीड़ित के घर भेजा गया था लेकिन इलाज से संबंधित दस्तावेज नहीं मिल पाए। विभाग को चिकित्सक का सर्टिफिकेट भी चाहिए, जिसमें जिक्र हो कि अपंगता कितनी फीसदी है। इसके बाद मेडिकल बिल और अन्य दस्तावेज उच्च अधिकारियों को भेजे जाएंगे।
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