अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे हटाने के लिए मंगलवार को मुहिम चली। वन विभाग ने मंगलवार सुबह निहालगढ़-ज्वालापुर में कार्रवाई की। इस दौरान आधा दर्जन अवैध कब्जों को हटाया गया। मौके पर आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि केवल पिछड़े वर्ग को सताया जा रहा है। ऊंची राजनीतिक पहुंच रखने वाले अतिक्रमणकारियों पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
पांवटा की ग्राम पंचायत निहालगढ़ में वन विभाग को पांवटा-सतौन-शिलाई मार्ग के साथ लगते स्थलों पर अवैध कब्जों की शिकायत मिल रही थी।
इसके बाद बीओ बली राम शर्मा, ग्यार सिंह, वन रक्षक विजय कुमार, सीमा देवी, सुरजीत सिंह, संदीप कुमार व अनिल कुमार की टीम निहालगढ़ सड़क मार्ग के समीप कार्रवाई करने पहुंची। टीननुमा व कच्चे शेडों वाले कब्जों को टीम ने हटवाया जिसमें बख्शी राम, बिशना राम व मामचंद के मवेशियों, चारा रखने के लिए बनाए गए कच्चे खोखे व शेड उखाड़े गए। क्षेत्र में करीब आधा दर्जन परिवारों के अतिक्रमण को हटाया गया।
उधर, डीएफओ पांवटा एसएस राणा ने कार्रवाई की पुष्टि की है। निहालगढ़ के समीप वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले कच्चे शेड हटाए गए हैं। वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर एक समान कार्रवाई होगी।
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ऊंची पहुंच वालों पर नहीं कार्रवाई: ग्रामीण
पांवटा की ग्राम पंचायत निहालगढ़ निवासी ब्रजमोहन, बख्शी राम, मामचंद, ईश्वरी देवी व बिशना राम का कहना है कि नियम कानून सबके लिए एक समान है। केवल पिछड़े वर्ग के परिवार राजनीतिक द्वेष भावना के शिकार हो रहे हैं। पिछड़े व आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों पर तो कार्रवाई हो रही है लेकिन ऊंची राजनीतिक पहुंच वालों के अतिक्रमण नहीं हटाए जा रहे। कुछ लोगों ने तो वन भूमि पर पक्के मकान, पशुशालाएं बना दी हैं। हरे भरे पेड़ों में कीलें ठोक रखी हैं। पेड़ के चारों तरफ पक्की खुरलियां बनाई हैं। इस बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री व वन मंत्री को शिकायत पत्र भेजा जा रहा है।