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सरकारी स्कूल में दाखिला बढ़ाने को मार्केटिंग

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अमर उजाला ब्यूरो
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सतौन (सिरमौर)।
निजी स्कूलों में बच्चों की नई एडमिशन के लिए चल रही प्रतिस्पर्धा में सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी कूद जाएं तो निसंदेह छात्रों की संख्या में इजाफा होगा लेकिन ऐसा हर जगह नहीं होता। ऐसे शिक्षक बिरले ही मिलते हैं जो स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हों। शिलाई के अंतर्गत आने वाले जामना सीसे स्कूल के शिक्षक इन दिनों एडमिशन के लिए मार्केटिंग में जुटे हैं। इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को सरकार क्या-क्या सुविधा दे रही है। इसका भी जिक्र हो रहा है। जबकि घर-घर जाकर भी अभिभावक जागरूक किए जा रहे हैं।
शिलाई क्षेत्र के मस्तभोज के जामना स्कूल ने बाकायदा स्कूल के प्रचार-प्रसार के लिए रंगीन पंफलेट निकाला है। स्कूल के छात्र और अध्यापकों की टीमें गांव-गांव जाकर स्कूल में मिल रही सुविधाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं। इस अभियान के तहत सरकारी स्कूल में मिल रही सुविधाएं लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
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पंफलेट में स्कूल प्रबंधन समिति और अध्यापक ने स्कूल की हर उपलब्धि और सुविधा के बारे में बताया है। खास यह है कि इसका खर्चा भी शिक्षकों ने अपने वेतन से वहन किया है। स्कूल के प्रधानाचार्य जोगी राम कन्याल, एसएमसी अध्यक्ष माया राम चौहान, प्रवक्ता रमेश चौहान ने बताया कि 2017-18 में स्कूल में लगभग 190 छात्र थे। इस बार छात्रों की संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार इलाके में दो निजी स्कूल के साथ ही समीपवर्ती गांवों में सीसे स्कूल भी हैं। बावजूद इसके वे इस प्रतिस्पर्धा में कूद पड़े हैं। लोगों को घर-घर जाकर सरकारी स्कूल में मिलने वाली सुविधा के बारे में बताया जा रहा है।
 
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