अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में बुधवार को बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि से पहाड़ियों के साथ-साथ सड़कों पर 2 से 3 इंच तक सफेद परत जम गई। इससे ऊपरी क्षेत्र अचानक ठंड की चपेट में आ गया। दोपहर बाद करीब तीन बजे मौसम में अचानक आई तबदीली से आसमान बादलों से घिर गया। कुछ ही समय बाद क्षेत्र में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई।
ओलावृष्टि लगभग आधा घंटे तक लगातार जारी रही। आधे घंटे में ही क्षेत्र में लगभग 2 से 3 इंच की सफेद परत जम गई, जिससे यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया। बिजली गरजने व ओलावृष्टि से क्षेत्र मेें तीन बजे के बाद बिजली भी गुल हो गई।
चूड़धार समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि होने से क्षेत्र के तापमान में अचानक भारी गिरावट आ गई। कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब एक घंटे तक बारिश हुई।
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दो महीने बाद हुई बारिश, मिली राहत
क्षेत्र में दो माह के लंबे अंतराल के बाद भारी ओलावृष्टि व बारिश हुई है। लंबे समय सेे बारिश न होने के कारण समूचा गिरिपार क्षेत्र सूखे की चपेट में आ गया था। सूखे के कारण किसानों की लहसुन की लगभग 70 फीसदी फसल नष्ट हो गई है। गेहूं व जौ की फसल भी पीली पड़ी है। किसान आलू व फ्रांसबीन की बिजाई भी नहीं कर पाए हैं। हालांकि लहसुन की फसल को इससे कोई खास फायदा नहीं होगा लेकिन जौ, गेहूं की फसल में हरियाली लौट सकती है। आलू व फ्रांसबीन की बिजाई के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है।
निचले क्षेत्रों में सूखा--
बुधवार को जिला सिरमौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही बारिश व ओलावृष्टि हुई। निचले क्षेत्रों में दिनभर धूप खिली रही। मैदानी इलाकों में बारिश न होने से लोग भीषण गर्मी की तपिश में तप रहे हैं। काफी लंबे समय से निचले क्षेत्रों में बारिश नहीं हो पाई है।