अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
जिले के अस्थायी परिचालकों ने सरकार से मांग की है कि स्थायी नीति तैयार कर उन्हें स्थायी नौकरी प्रदान की जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उन्हें नौकरी नहीं दी तो वह आंदोलन करने को विवश हो जाएंगे।
अपनी इस मांग को लेकर जिला के अस्थायी परिचालकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक ज्ञापन भी भेजा है जिसमें उन्होंने कौशल भत्ता योजना के अंतर्गत युवाओं को दिए जा रहे परिचालकों के प्रशिक्षण पर रोक लगाने तथा पहले से प्रशिक्षण ले चुके अस्थायी परिचालकों के लिए स्थायी नीति तैयार कर उन्हें नौकरी प्रदान करने की मांग की है।
अस्थायी परिचालक चमन लाल, घनश्याम सिंह, राकेश कुमार, नरेश कुमार, कुलवंत, संदीप कुमार, रघुवीर सिंह, नीरज कुमार, राजेश कुमार, दिनेश, धनवीर, रजनीश चौहान, सूरत सिंह, चरण दत्त, सुनील दत्त, कमलेश, मुकेश अत्री, अशोक, बलबीर, नेहा, सुरेश, मांगे राम, कमलेंद्र, बलदेव, रामलाल, हरीश कुमार, कमलेश मिश्रा, राजेंद्र सिंह, हेमचंद, युवराज, राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि उन्हें वर्ष 2015 में अस्थायी परिचालक का प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद वह समय-समय पर निगम को अस्थार्यी परिचालक की सेवाएं भी दे रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें स्थायी रोजगार देने के लिए पॉलिसी नहीं बनाई गई जिससे उनका भविष्य अंधकार में पड़ गया है।
उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में सैकड़ों युवाओं को अस्थायी परिचालक ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ऊपर से अभी भी इस योजना के तहत ट्रेनिंग का दौर जारी है। ऐसे में इस ट्रेनिंग को कर चुके बेरोजगारों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार पहले ट्रेनिंग ले चुके अस्थायी परिचालकों के लिए स्थायी नीति बनाकर रोजगार प्रदान करे। उसके बाद ही नए प्रशिक्षण को अंजाम दे ताकि कौशल विकास भत्ता के अंतर्गत लिए गए प्रशिक्षण का सही मायने में लाभ हो। अस्थायी परिचालकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनके लिए स्थायी नीति तैयार नहीं की गई तो वह सड़कों पर उतर आएंगे जिसकी सीधी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।