नाहन (सिरमौर)।
साहब... शिलाई कहने के लिए ही मॉडल स्कूल है। मॉडल स्कूल जैसी कोई भी हकीकत यहां नजर नहीं आती। अध्यापिकाएं स्वेटर बुनती हैं। नन्हे बच्चे सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। स्कूल मैदान में बच्चों के खेलने के लिए लगाए उपकरण शिक्षकों ने हटा दिए हैं। मैदान को क्रिकेट के लिए जेसीबी से समतल करवाया है। इसमें कुछ शिक्षकों का भी हाथ है जो एक संस्था के नाम पर यह सब कार्य कर रहे हैं। ये आरोप एक गुमनाम पत्र में लगाए गए हैं। शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक को लिखे गुमनाम पत्र में कई संगीन आरोप लगाए गए हैं।
शिक्षा उपनिदेशक एलीमेंटरी दिलीप सिंह नेगी ने गुमनाम पत्र पर कार्रवाई करते हुए बीईईओ शिलाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। बीईईओ को इन सब आरोपों का तथ्यसहित संतोषजनक जवाब देना होगा। वहीं, मॉडल स्कूल में तैनात शिक्षकों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। बताया जा रहा है कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला शिलाई-2 बीईईओ कार्यालय के साथ सटी है। पाठशाला को मॉडल स्कूल का दर्जा प्राप्त है। लेकिन, जिस तरह से मॉडल स्कूल में गतिविधियां चल रही हैं उससे नहीं लगता कि यह कहीं से भी ये आदर्श पाठशाला हो। आरोप है कि पाठशाला बीईईओ कार्यालय के साथ सटी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्कूल में तैनात शिक्षक व शिक्षिकाएं दिनभर गप्पे मारने का कार्य करते हैं तो शिक्षिकाएं स्वेटर बुनती हैं। बच्चों की तरफ शिक्षकों का कोई ध्यान नहीं है। आरोप ये भी है कि स्कूल मैदान में झूले, सीढ़ी स्टेप और अन्य उपकरण लगाए गए थे। लेकिन, एक क्लब ने उपकरणों को यहां से हटाकर स्कूल मैदान को क्रिकेट मैदान बना दिया है। इससे नौनिहालों के साथ अन्याय हो रहा है।
होगी कार्रवाई
गुमनाम पत्र मिला है। इसको लेकर बीईईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संबंधित क्लब की रजिस्ट्रेशन को भी जल्द रद्द करवाया जाएगा। इस मामले की जांच की जाएगी। दोषी अध्यापकों के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दिलीप सिंह नेगी, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा।