अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
विधिक साक्षरता प्राधिकरण सिरमौर के सौजन्य से ग्राम पंचायत विक्रमबाग में एक दिवसीय निशुल्क विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। रविवार को आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर हंसराज ने की।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जिन महिलाओं, बच्चों, निर्धन एवं जरूरतमंद लोगों की वार्षिक आय एक लाख से कम हो और वरिष्ठ नागरिक जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो और सालाना आय 2 लाख से कम हो, ऐसे लोगों को विधिक साक्षरता प्राधिकरण द्वारा निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है ताकि गरीब एवं असहाय व्यक्ति भी अपने अधिकार के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकें। इसके अलावा एड्स से पीड़ित व्यक्ति को भी निशुल्क कानूनी सहायता देने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा हिरासत में रखे गए व्यक्ति को तुरंत कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। इसके लिए प्रदेश के सभी दंडाधिकारियों की अदालतों में कानूनी सहायता के लिए वकीलों की नियुक्ति की गई है। वहीं, कानूनी विवादों के मैत्रीपूर्ण समाधान के लिए सभी जिलों में स्थायी व सतत लोक अदालतें स्थापित की गई हैं। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत तमाम सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए लोगों का आह्वान किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता सौरभ महिंद्रा ने लोगों को घरेलू हिंसा और पारिवारिक कानून बारे विस्तार से जानकारी दी। जबकि, रूखसार सैयद ने मोटर वाहन अधिनियम, अधिवक्ता रश्मि अग्रवाल ने भरण पोषण अधिनियम के बारे कानून की जानकारी दी। इससे पहले ग्राम पंचायत विक्रमबाग की प्रधान जैतुन ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित अन्य अधिवक्ताओं व शिविर में पहुंचे लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों को अपने अधिकारों के बारे जानकारी मिलती है।