अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
विकास खंड संगड़ाह के तहत आने वाली पंचायतों में विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। पंचायतों में करोड़ों के विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। इसका मुख्य कारण स्टाफ की भारी कमी है। इसके चलते पंचायतों में विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है।
विकास खंड संगड़ाह की तीन पंचायतों में पंचायत सचिव का पद खाली पड़ा है। जबकि, खंड विकास कार्यालय में अकाउंटेंट, कार्यालय अधीक्षक, लिपिक व पंचायत निरीक्षक सहित छह महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में गिरिपार क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार संगड़ाह ब्लॉक की 41 पंचायतों में सालाना करीब 10 करोड़ का बजट अकेले मनरेगा पर खर्च हो रहा है। जबकि अन्य विकास योजनाओं को मिलाकर क्षेत्र की पंचायतों में हर साल 20 करोड़ के करीब बजट विभिन्न योजनाओं के तहत खर्च होने का अनुमान है।
विकास खंड की संगड़ाह, शामरा व शिवपुर पंचायतों में सचिव न होने से न केवल पंचायत प्रतिनिधियों, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां आम लोगों को विभिन्न प्रमाण पत्रों व अन्य कार्यों के लिए दूसरी पंचायत से महीने में कुछ दिन प्रतिनियुक्त होने वाले सचिव का इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं स्थायी सचिव न मिलने से कईं विकास कार्य लंबित पड़े हैं।
उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में कार्यरत पंचायत सचिव को एक वर्ष पहले ही बीडीओ कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है। तब से उपमंडल मुख्यालय कि यह पंचायत प्रतिनियुक्ति के सचिव के सहारे चल रही है।
उधर, बीडीओ संगड़ाह अशोक कुमार ने बताया कि उनके कार्यालय में अकाउंटेंट के दो व कार्यालय अधीक्षक व लिपिक को मिलाकर कुल छह पद खाली पड़े हैं। हाल ही में संगड़ाह से ट्रांसफर हुए एक अकाउंटेंट की जगह अभी किसी अन्य कर्मी की नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि खंड विकास कार्यालय में बाबुओं व कर्मचारियों की भारी कमी के चलते एक पंचायत सचिव को यहां प्रतिनियुक्त किया गया है।
--विकास खंड संगड़ाह में करोड़ों के विकास कार्य प्रभावित
स्टाफ की भारी कमी सेे 41 पंचायतों में विकास हुआ ठप