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पतंग ही नहीं, लोगों की जिंदगी भी काट रही चायना डोर

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प्रतिबंध बावजूद बिक रही चायनीज डोर
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पतंग ही नहीं, जिंदगी भी काट रही यह डोर
सचित्र- 4 से 8
नाहन (सिरमौर)। पतंग उड़ाना और काटना खेल नहीं, भारतीय परंपरा है। लेकिन इसमें जबसे चायना डोर ने घुसपैठ की है, तब से पतंग उड़ाना खतरनाक हो रहा है। चायना डोर सिर्फ पतंग ही नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी भी काट रही है। इससे मिले जख्म बरसों नहीं भर पा रहे हैं। प्रदेश में चायना डोर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद नाहन में इसे चोरी छिपे बेचा जा रहा है। कुछ लोग बाहरी राज्यों से भी इसे खरीदकर ला रहे हैं, जो लोगों की चिंता का सबब बन गया है। चायना डोर से विशेषकर वाहन चालक घायल हो रहे हैं। देश भर में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस डोर से उलझकर पक्षी भी मर रहे हैं।
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नाहन शहर में रक्षाबंधन के दिन रियासतकाल से पतंग उड़ाने की परंपरा है। इस पर्व को एक माह से कम समय रह गया है। ऐसे में बाजार में चोरी छिपे हो रही प्रतिबंधित चायना डोर की बिक्री ने पर्यावरण प्रेमियों को चिंतित कर दिया है। बाजार में बिक रही चायना डोर और इससे होने वाले नुकसान को लेकर अमर उजाला ने पर्यावरण प्रेमियों से बात की।
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1. अमृता शर्मा ने कहा कि इस डोर के कारण कई लोग और पक्षी अपनी जान गंवा चुके हैं। युवाओं को नैतिकता अपना कर इससे दूर रहना चाहिए।
2. रविंद्र सैनी उर्फ बॉबी ने कहा कि चायना डोर टूटती ओर गलती नहीं। इससे कई बार चोटिल होने से बचा हूं। इसकी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए।
3. दलबीर सिंह खालसा ने कहा कि खतरनाक डोर खरीदने की बजाय आम डोर लेनी चाहिए, जिससे इससे होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
4. सचिन ठाकुर ने कहा कि प्रशासन और पुलिस कोई व्हाट्सएप नंबर जारी करे, जिस पर इसकी बिक्री की सूचना दी जा सके।
5. माही पुंडीर ने कहा कि त्योहार और शौक वही अच्छे, जिससे किसी को नुकसान न हो। इस बात को चायना डोर का इस्तेमाल करने वालों को समझाना चाहिए।
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