अमर उजाला ब्यूरो
नाहन / पांवटा/ नौहराधार । जिले में 108 एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 108 एंबुलेंस सेवा न मिलने के कारण ग्रामीणों को अपने मरीज भारी भरकम किराया देकर अस्पतालों तक पहुंचाने पड़े।
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज से पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर की गई 10 वर्षीय प्रतिष्ठा को उसके परिजन निजी वाहन में चंडीगढ़ ले गए। मेडिकल कॉलेज की ओर से रोगियों की मदद के लिए एंबुलेंस जैसी सुविधा देने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए। यहां सिर्फ एक एंबुलेंस की सेवाएं प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूलकर मरीजों को दी जा रही हैं।
नौहराधार सीएचसी के तहत भराड़ी निवासी गर्भवती फुलमा देवी के परिजनों ने 108 को फोन किया लेकिन सेवा न मिलने के कारण उसे एक निजी वाहन करके अस्पताल पहुंचाना पड़ा। यहां से रेफर करने के बाद भी परिजन निजी वाहन कर दूसरे अस्पताल ले गए। वहीं 102 एंबुलेंस सेवा भी महिलाओं को नहीं मिल पाई।
नौहराधार के चौकर गांव की अनीता को प्रसव के बाद एंबुलेंस सेवा नहीं मिली। बुधवार को ही राजपुर के नाया निवासी अनिल कुमार को निजी वाहन से सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया गया। इसके अलावा दर्जनों मरीज निजी वाहनों से ही अस्पतालों तक पहुंचे।
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पांवटा अस्पताल में एंबुलेंस की व्यवस्था
सिविल अस्पताल पांवटा व शिलाई में मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। पांवटा में सिरमौर फार्मा मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन व सीसीआई इकाई की एंबुलेंस की सेवाएं ली गईं। जबकि, सीएचसी शिलाई में भी 2 सरकारी एंबुलेंस की सेवाएं मरीजों को मिलीं।
सिविल अस्पताल पांवटा प्रभारी डॉ. संजीव सहगल ने बताया कि तीन निजी एंबुलेंस की सेवाएं मरीजों को दी गई हैं। बीएमओ शिलाई डॉ. एके राघव ने कहा कि दो सरकारी एंबुलेंस तैनात रहीं।
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सिरमौर में 33 एंबुलेंस दे रहीं सेवाएं
जिला सिरमौर में जीवीके की 22 एंबुलेंस (108) सेवाएं दे रही हैं। जबकि, 102 सेवा की 11 एंबुलेंस चल रही हैं। 108 के सिरमौर प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि बुधवार को मांगों को लेकर हड़ताल रही। एंबुलेंस के ईएमटी व पायलेट के हड़ताल पर जाने से दिनभर एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित रहीं।