पेयजल योजनाओं को बारिश की संजीवनी
बारिश होने से पेयजल स्रोतों में हुई आंशिक बढ़ोतरी
आईपीएच के पांवटा मंडल ने भी ली राहत की सांस
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
आईपीएच पांवटा मंडल में भीषण गर्मी से सूखे पेयजल स्रोतों को हालिया बारिश से संजीवनी मिल गई है। शनिवार और रविवार को हुई बारिश से पेयजल स्रोतों के जल स्तर में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, अभी भी पानी की कमी है लेकिन आंशिक बढ़ोतरी से आईपीएच महकमे ने राहत की सांस ली है।
पांवटा क्षेत्र में आईपीएच पांवटा मंडल में कुल 369 पेयजल योजनाएं हैं जिनमें से 11 योजनाओं का जल स्तर 75 फीसदी तक कम हो गया था। इससे इन योजनाओं से जुड़े क्षेत्रों को पेयजल दिक्कतें पैदा हो गई थीं। पांवटा की 11 पेयजल योजनाओं में मात्र 25 फीसदी जलस्तर रह गया था जिसमें सालवाला, भुड्डी मेहरुवाला, भढ़ाणा, बधाना, कोदेवाला, देववाला, बाड़थल मधाना, कोटी उतरोऊ, सुंदराड़ी, बोकाला-पाब व निगाली पेयजल योजनाएं शामिल हैं जिससे दिनों दिन आईपीएच विभाग की चिंता बढ़ने लगी थी।
कुछ स्थलों पर पेयजल योजनाओं का पानी चोरी छिपे सिंचाई में इस्तेमाल होने से समस्याएं आ रही थीं। जबकि, रामगढ़, अजोली किशनपुरा, टीटीयाना, नारीवाला, पलहोड़ी, बाथन कल्याना,, ज्वालापुर, अकालगढ़, शिवपुर-फूलपुर, निहालगढ़, जामनीघाट, कियाना व कोटी उचतरोऊ की बांबल समेत 13 पेयजल योजनाओं का जल स्तर 25 से 50 फीसदी के बीच रह गया था। रविवार को बारिश होने से पांवटा की कुछ योजनाओं में जल स्तर में आंशिक बढ़ोतरी हुई है।
उधर, आईपीएच के अधिशासी अभियंता पांवटा एके धीमान ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पांवटा की कुछ पेयजल योजना स्रोतों में आंशिक बढ़ोतरी की सूचनाएं आ रही हैं। बारिश होने पर पेयजल का सिंचाई में भी कम इस्तेमाल होगा। बारिश होने पर सूखते जल स्रोतों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगता है।
---------------
सुरेश तोमर
...