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Sirmour News: बारिश और भूस्खलन से नाहन-रेणुकाजी सड़क 17 घंटे ठप, आवाजाही प्रभावित

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नेहली में बंद नाहन-रेणुकाजी सड़क को बहाल करती जेबीसी। स्रोत: विभाग
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नेहली में सड़क के 50 मीटर के दायरे में आया मलबा और भारी चट्टानें
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7 सड़कें और 295 ट्रांसफार्मर बंद, शीतलहर की चपेट में आया जिला

नदी-नालों का जल स्तर बढ़ा, मैदानी इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन/शिलाई (सिरमौर)। मानसून के विदा होने के बाद भी जिले में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। इसके चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। नाहन-रेणुकाजी सड़क पर 17 घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा जिले में अभी भी सात सड़कें और 295 ट्रांसफार्मर आसमानी बिजली और विद्युत लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से बंद हैं।

दरअसल, बीते सोमवार से जिले में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। नाहन-रेणुकाजी सड़क नेहली के पास मलबा और चट्टानें आने से सोमवार देर रात 11 बजे बंद हो गई। मंगलवार सुबह से सड़क बहाली का कार्य जारी है, लेकिन बड़ी-बड़ी चट्टानें आने से यह बहाल नहीं हो पाई। दोपहर बाद केवल छोटे वाहनों के लिए सड़क को खोला जा सका। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर हैं।
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जेसीबी मशीन से पत्थर न उठाए जाने पर बेचड़ का बाग से पोकलेन मशीन को मंगवाया गया है। हालांकि बार-बार बारिश के चलते सड़क बहाली का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। रेणुकाजी से नाहन आने वाले वाहनों को वाया शिलणू-कैलाश-पंजाहल जमटा से तबदील (डाइवर्ट) किया गया है। उधर सड़क बंद होने से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोक निर्माण विभाग के ददाहू उपमंडल के सहायक अभियंता दलीप चौहान ने बताया कि पोकलेन मशीन से सड़क को बहाल करवाया जा रहा है। मंगलवार देर शाम तक सड़क की बहाली की उम्मीद है।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के अनुसार जिले में अभी भी लोक निर्माण विभाग की सात सड़कें बंद हैं। इनमें संगड़ाह मंडल की चार, शिलाई की दो और पांवटा साहिब की एक सड़क शामिल हैं। वहीं नाहन-कुमारहट्टी और पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर जगह-जगह पत्थर आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। आसमानी बिजली गिरने और विद्युत लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से विद्युत मंडल नाहन में 76, पांवटा साहिब में 82 और राजगढ़ में 137 ट्रांसफार्मर बंद हुए। इस दौरान इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। भारी बारिश से जिले के नदी-नालों का जल स्तर बढ़ गया है। वहीं लहसुन, धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।

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ओलावृष्टि और बारिश से बढ़ी शीतलहर

नौहराधार (सिरमौर)। जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। नौहराधार, हरिपुरधार में जमकर बारिश हुई। तापमान में गिरावट आने से समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। चूड़ेश्वर समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि बीती रात से ही तेज हवा के साथ बारिश व ओलावृष्टि हो रही है। चूड़धार में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से खराब मौसम में चूड़धार न आने की अपील की है। उधर, बारिश के चलते पशुपालकों को घास की कटाई रोकनी पड़ी है। वहीं लहसुन, मटर की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

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जलभराव और कीचड़ से बढ़ी परेशानी

कालाअंब। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मौसम के करवट बदलते ही मौसम सर्द हो गया है। मंगलवार को तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण आम जनजीवन भी काफी प्रभावित रहा। कच्चे रास्तों पर कीचड़ होने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसके अलावा जगह-जगह जलभराव से भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों में मोहित शर्मा, सुशील कुमार, गौरव, सचिन, यादराम, गुरप्रीत सिंह, बचन सिंह और राजपाल ने बताया कि दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने से जहां धान की कटाई प्रभावित हो रही है, वहीं आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है।
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संवाद

नेहली में बंद नाहन-रेणुकाजी सड़क को बहाल करती जेबीसी। स्रोत: विभाग

नेहली में बंद नाहन-रेणुकाजी सड़क को बहाल करती जेबीसी। स्रोत: विभाग

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