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आठ सूत्री मांगों को लेकर नाहन में किया रोष प्रदर्शन

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नाहन (सिरमौर)। बीएसएनएल कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को नाहन में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार पर गलत नीतियों के कारण बीएसएनएल को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि केंद्र सरकार इस सरकारी उपक्रम को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। लेकिन, एयूबीए ऐसा होने नहीं देगा।
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इस रोष प्रदर्शन में बीएसएनएल के सभी संगठनों एवं संघों से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान बीएसएनएल कर्मियों में आठ सूत्री मांगें पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी देखी गई। वक्तओं ने केंद्र सरकार की नीयत व नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार ने निजी दूरसंचार कंपनियों को 4जी स्पैक्ट्रम दे दिए हैं, लेकिन बीएसएनएल को इससे वंचित रखा है। इससे बीएसएनएल घाटे में जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझ कर सरकारी संस्थानों को घाटे की ओर ले जा रही है। इस अवसर पर कर्मियों ने अपनी आठ सूत्री मांगें फिर से दोहराई। जिसमें 15 प्रतिशत फिटमेंट के साथ तृतीय वेतन पुनरीक्षण, बीएसएनएल को 4जी स्पैक्ट्रम का शीघ्र आवंटन, बीएसएनएल प्रबंधन से पेंशन अंशदान का भुगतान, बीएसएनएल भूमि प्रबंधन नीति का शीघ्र अनुमोदन, बीएसएनएल के मोबाइल टावरों का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन व रखरखाव के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग शामिल रही। प्रदर्शनकारियों में उपमंडल अधिकारी खजान सिंह, जेटीओ आदर्श तोमर, प्रीतम सिंह, दिनेश, शालिनी सिंह, प्रिया, इति गोयल, ब्रांच के प्रधान सुरेंद्र सिंह, सचिव उषा देवी, जितेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, रणजीत सिंह राणा, ओम प्रकाश, दर्शन सिंह, हुकम सिंह, रमेश चंद्र, सुशील कुमार, हीरा लाल, जीडी गंगोटिया ने कहा कि सभी कर्मचारी एकजुट होकर हर समस्या का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के उत्थान के लिए कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर उतरे हैं। बीएसएनएल कर्मियों ने सरकार से मांगों को जल्द पूरा करने की भी मांग की।
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