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ाहन में पार्क बनने से पहले गहराया विवाद

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अमर उजाला ब्यूरो
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नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन कार्यालय के निकट निर्माणाधीन पार्क पर विवाद गहरा गया है। नगर परिषद की ओर से यहां 30 लाख रुपये से पार्क का निर्माण किया जा रहा है। पार्क बनाने के लिए नगर परिषद सड़क से नीचे कई फीट की गहरी जगह को मलबे से भर रही है। इसके लिए कंकरीट की दीवार भी खड़ी की गई है। इसमें भारी खर्चा वहन किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि यहां पार्क ही बनाना था तो वह नीचे जमीन पर भी बनाया जा सकता था। यदि पार्क सड़क के लेबल पर बनाया जाना है, तो इसके लिए स्लैब डालकर पार्क निर्मित किया जा सकता था। नीचे खाली जगह पर बेहतर पार्किंग तैयार हो जाती। इससे नगर परिषद को आमदनी भी होती।
क्या कहते हैं शहर के लोग
1. दलबीर सिंह खालसा ने कहा कि यहां भूमि का सदुपयोग होना चाहिए था। यहां दो स्लैब डाले जाते तो नीचे दो पार्किंग तैयार हो जातीं। ऊपर चंडीगढ़ की तर्ज पर पार्क निर्मित किया जा सकता था। इससे नप को कमाई भी होती, वहीं बेशकीमती भूमि का सदुपयोग भी हो जाता।
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2. नासिर यूसुफजई ने कहा कि पार्क के नाम पर पैसे की बरबादी की जा रही है। पार्क ही बनाया जाना था तो उसे नीचे जमीन पर भी बनाया जा सकता था। इससे शानदार पार्क तैयार हो जाता।
3. प्रमोद शर्मा ने कहा कि नप को सड़क के लेबल पर पार्क बनाने के लिए नीचे पिलर देकर स्लैब डालनी चाहिए थी। उस पर पार्क तैयार हो जाता और नीचे पार्किंग बन जाती।
4. प्रताप सिंह रावत ने कहा कि शहर में वैसे ही सरकारी भूमि नहीं बची है। जो भूमि है उसका नगर परिषद को सदुपयोग करना चाहिए। नीचे पार्किंग और ऊपर पार्क बनाया जा सकता है। नहीं तो नीचे ही कम पैसे में पार्क तैयार किया जाता।
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क्या कहते हैं नगर परिषद के जेई
नगर परिषद नाहन के जेई परवेज इकबाल ने कहा कि पार्क बनाने के लिए 30 लाख का ही बजट है। यहां स्लैब डालकर नीचे पार्किंग और ऊपर पार्क बनाने के लिए यह राशि नाकाफी है। इसके लिए बड़ी राशि की जरूरत थी, जिससे यह नहीं हो पाया।
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