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चूड़धार में पाइपें-बावड़ी जाम, खाना बनाने तक को पानी नहीं

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नाहन (सिरमौर)। चूड़धार की यात्रा पर रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक तौर पर अब यात्रा एक मई से शुरू होगी। समुद्र तल से 11965 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में इस समय पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइन और स्थानीय बावड़ी जाम हो गई है। लिहाजा, श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में चूड़ेश्वर सेवा समिति ने चूड़धार यात्रा बंद कर दी है। हालांकि, मंदिर के कपाट पूजा अर्चना के लिए खुले रहेंगे। पौना फीट से एक फीट की बर्फबारी में चूड़धार आश्रम में स्वामी और उनका एक शिष्य ही शेष बचे हैं। चूड़धार में रोजी-रोटी के लिए होटल आदि चलाने वाले कारोबारी लोग भी अपने-अपने घरों को लौट गए हैं। अब चूड़धार धाम सुनसान हो गया है। कड़कड़ाती ठंड और बर्फबारी के कारण चूड़ेश्वर सेवा समिति ने श्रद्धालुओं को चूड़धार न आने के निर्देश दिए हैं। समिति ने श्रद्धालुओं को कहा है कि कोई भी यात्री अपनी जान जोखिम में न डालें। यहां खाने और पीने की व्यवस्था नहीं है। न ही ठंड से बचने के लिए कंबल की व्यवस्था संभव हो पाएगी। उधर, चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़धार यात्रा पर रोक लगा दी गई है। यात्रा अगले साल एक मई से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि समिति के स्टाफ को पांच महीने के लिए घर भेज दिया गया है। अभी तक चूड़धार में समिति का कार्यालय ही खुला था, जिसे भी बंद कर दिया है। चूड़धार में होटल-ढाबे और अन्य कारोबार चलाने वाले लोग भी घरों को लौट गए हैं।
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मंदिर में होती रहेगी पूजा
प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि मंदिर में साल के 12 महीने देवता की पूजा होती है। हालांकि, मंदिर के मुख्य पुजारी बर्फबारी होने से पहले ही अपने घर चले गए हैं। बर्फबारी के दौरान स्वामी कमलानंद गिरि अपने शिष्य के साथ चूड़धार में ही हैं। वह नियमित रूप से मंदिर में देवता की पूजा करते हैं। स्वामी कमलानंद ही चूड़धार में होने वाली बर्फबारी की जानकारी लोगों तक पहुंचाते हैं।
दो दिन पहले पहले ही रास्ता भटके श्रद्धालु
करीब दो दिन पहले चूड़धार यात्रा पर कुपवी से जा रहे उत्तराखंड के दो श्रद्धालु रास्ता भटक गए। गनीमत यह रही कि चूड़धार सेवा समिति उनसे संपर्क में थी। एक रात जंगल में गुजारने के बाद ही अगले दिन दोनों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। चारों ओर जंगल से घिरे रास्ते और बर्फबारी के बीच चूड़धार पहुंचना काफी मुश्किल हो गया है। लिहाजा, यात्रा पर रोक लगा दी गई है।
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