अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं। महिलाओं को स्वरोजगार अपनाकर अपने घर का सहारा बनना चाहिए। विभिन्न क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाएं हैं। राज्य और केंद्र सरकार भी इसमें ऋण के साथ अनुदान दे रही है। सोसायटी फॉर चाइल्ड रिलीफ एंड वूमेन वेलफेयर के सभागार में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल ...अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग के महाप्रबंधक जीसी चौहान ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को साइबर क्राइम और नशे के संदर्भ में डीएसपी बवीता राणा ने भी अहम जानकारी दी। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक जीसी चौहान ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार अपनाकर आगे बढ़ना होगा। हर प्रकार के उद्योग को स्थापित करने के लिए सरकार मदद कर रही है। ब्यूटी पार्लर, फैशन डिजाइन, आचार-चटनी पर आधारित लघु उद्योग या सिलाई कढ़ाई पर आधारित उद्योग लगाना है तो विभाग उनकी मदद कर सकता है। सरकारी योजना के अनुसार महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। सर्विस सेक्टर में दस और इंडस्ट्री के लिए 25 लाख रुपये तक का ऋण सरकार देगी। ऋण के लिए सरकार ही बैंक गारंटी भी देगी। उधर, डीएसपी बवीता राणा ने कहा कि महिलाएं अपनी आवाज को दबाएं नहीं। घरेलू हिंसा हो या कोई अन्य अपराध, उसके खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुर्घटना की वजह ओवरलोडिंग है लेकिन, यदि हम स्वयं ओवरलोड बस में सफर करना बंद कर दें तो यह समस्या पैदा ही नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सावधानी जरूरी है इसके लिए हमें स्वयं भी जागरूक होना होगा।
साइबर क्राइम का शिकार हो तो करें शिकायत : डीएसपी
डीएसपी बवीता राणा ने बताया कि महिलाओं के साथ साइबर क्राइम में भी इजाफा हो रहा है। फेसबुक आईडी को हैक कर उनकी तस्वीरों की एडिटिंग कर किसी अन्य रूप में ही परोसी जा रही है। यदि ऐसा किसी के साथ हो तो वह अपनी आईडी ब्लॉक कर औपचारिकता न निभाएं। क्योंकि ऐसी तस्वीरें पूरे इंटरनेट सरवर से हटाने की एक प्रक्रिया है। इसके लिए वे पुलिस में शिकायत करें। उन्होंने यह भी कहा कि एटीएम, आधार कार्ड के पिन या पास वर्ड कभी साझा न करें। लॉटरी का झांसा देने वाले संदेशों को भी नजरअंदाज करें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे में फंस रही है। नशे में फंसे युवाओं को इस बीमारी से बचाने के लिए प्यार से कार्य करना होगा। उन्हें ऐसे समय में सहारा देने की जरूरत है। चिकित्सा परामर्श लेकर उन्हें इस बीमारी से बचाने का प्रयास करें। वहीं, नशे को समाज में पनपने न दें।
कार्यक्रम को बताया सराहनीय
सोसायटी फॉर चाइल्ड रिलीफ एंड वूमेन वेलफेयर के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने मुख्य वक्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला का यह कार्यक्रम सराहनीय है। इससे विद्यार्थियों को सरकारी विभागों से जुड़ी जानकारी हासिल करने का भी अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिन्हें प्राप्त कर कइयों की प्लेसमेंट भी हुई है। उनकी सोसायटी हर महीने निशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन कर रही है। संस्थान टेलरिंग, कटिंग, कंप्यूटर ट्रेनिंग के साथ-साथ अन्य कई प्रशिक्षण महिलाओं को दे रही है।
क्या बोलीं महिलाएं
1. नीलू शर्मा ने कहा कि अमर उजाला के कार्यक्रम से उन्हें बहुत कुछ नई जानकारियां मिलीं। नशे और साइबर क्राइम को लेकर डीएसपी का वक्तव्य शानदार रहा। जबकि उद्योग विभाग ने स्वरोजगार को लेकर चल रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
2. सोनिया पंवार ने कहा कि साइबर क्राइम पर बहुत अच्छी जानकारी मिली। कई विषयों की हमें जानकारी नहीं थी। इस कार्यक्रम में हमें साइबर क्राइम से जुड़ी जानकारी मिली है। अब सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए वह सतर्क रहेंगी।
3. शिवानी चौहान ने कहा कि बहुत अच्छा कार्यक्रम रहा। स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए क्या किया जा सकता है। इस विषय में मिली जानकारी अहम रही। इससे मुझे अपना कार्यक्रम शुरू करने में आसानी होगी।
4. ममता भारद्वाज ने कहा कि डीएसपी ने बड़े रुचिकर तरीके से साइबर क्राइम और महिलाओं से जुड़े अपराध की जानकारी दी है। इससे बहुत कुछ सीखने को मिला। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
5. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि युवाओं को साइबर, नशे और स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए अहम जानकारी दी गई। अमर उजाला का यह प्रयास बहुत अच्छा रहा।
6. कौशल्या चौहान ने कहा कि उद्योग विभाग ने केंद्र और प्रदेश सरकार की अहम योजनाओं की जानकारी प्रदान की है। बैंक ऋण और अनुदान का उन्हें पूरा पता चला। इससे अपने उद्योग धंधे स्थापित करने में सहायता मिलेगी।