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राजनाथ ने किया था वायदा, आज तक नहीं मिला जनजातीय दर्जा

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिलाई (सिरमौर)। शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा नेताओं के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कहा कि गिरिपार को जनजातीय क्षेत्र घोषित करवाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहल की है। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार 70 के दशक से इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठा रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेकीं हैं। विधायक ने कहा कि भाजपा के दिग्गज नेता और वर्तमान में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नाहन में जनसभा के दौरान सिरमौर के लोगों से वायदा किया था कि यदि केंद्र में भाजपा की सरकार बनती है और शिमला से भाजपा का सांसद चुनकर आता है तो एक महीने के अंदर गिरिपार को जनजातीय क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा। हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्र में सरकार बने साढे़ चार साल हो चुके हैं। शिमला सीट से सांसद भी भाजपा का है। ऐसे में भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि आखिर उनके वायदे का क्या हुआ? हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रही है, जिसे सिरमौर की जनता भलीभांति समझ चुकी है। इसका जवाब वह भाजपा को लोकसभा चुनाव में देगी।
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आईपीएच मंडल खोलने की घोषणा को विधायक ने बताया झुनझुना
शिलाई की प्यास बुझाने के लिए मुख्यमंत्री को टोंस या नेडा खड्ड से कोई बड़ी घोषणा करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने आईपीएच मंडल की घोषणा कर लोगों को झुनझुना थमा दिया। इससे लोगों की प्यास नहीं बुझेगी। शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शिलाई में पानी की भारी किल्लत है। कई बार तो महीने में दो बार ही पानी मिल रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री जैसी शख्सियत को यहां की प्यास बुझाने के लिए बड़ी घोषण करनी चाहिए थी, जिससे लोगों को पानी की किल्लत नहीं रहती। लेकिन मुख्यमंत्री ने सड़कों के लिए चार-पांच घोषणाएं करके और आईपीएच मंडल देकर लोगों को झुनझुना थमा दिया, जो नाकाफी है।
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