बांके बिहारी के भजनों पर खूब झूमे श्रद्धालु
बेचड़ का बाग में कृष्ण जन्माष्टमी पर कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)। सैनधार के बेचड़ का बाग में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भजन संध्या आयोजित की गई। इसमें सराहां क्षेत्र के कथा वाचक पंडित विरेश ने एक से बढ़कर एक भजन सुनाकर दर्शकों को खूब नचाया। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म का विस्तृत वर्णन भी किया।
पंडित विरेश ने सबसे पहले प्रभु खींचे हुए दौड़े चले आएंगे..., भजन सुनाया। इस पर दर्शक दीर्घा में बैठे श्रद्धालु मस्ती में झूमने लगे। उसके बाद उन्होंने मेरा सांवरा मुझे मिल गया.., बांके बिहारी तेरे नाल मैं तां ला लाई अखियां..., आदि भजन पेश किए। इसके बाद विकास शर्मा ने हिंदी-पहाड़ी और पंजाबी भजन प्रस्तुत किए। इसमें श्याम तेरे भगतों का तेरा ही सहारा है..., मैनू चढ़या रूप दे जहर, प्यार की बीन बजा जा वे..., देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान..., जैसे भजन सुना कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उसके बाद पहाड़ी भजन हाय रे हाय कृष्ण तू ऐसी केरी बंसी बजाई रे..., कैंथ घाटो री ओ मंशा माता..., भजन पेश किए। उनके द्वारा प्रस्तुत शिरगुल वंदना जय शिरगुल तेरी चूड़ी दा दिल लागा..., सहित दर्जनों भजन पेश कर दर्शकों का रात एक बजे तक खूब मनोरंजन किया। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन पन्याली निवासी भीम सिंह करवा रहे हैं।