फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आवाज दबाने के लिए जलाए जा रहे पुतले : बिंदल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ गई है। गुड़िया प्रकरण, कुल्लू में नाबालिग के साथ दुराचार और चंबा की घटना से प्रदेश शर्मसार है। सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली से जन आक्रोश बढ़ गया है। ऐसे में विपक्ष की भूमिका निभाते हुए भाजपा भी सरकार को चेताने का कार्य कर रही है लेकिन कांग्रेसी नेता व सरकार कानून व्यवस्था बनाना तो दूर, आवाज दबाने के लिए विधायक के पुतले जला रहे हैं। बिंदल नाहन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार और सरकारी पार्टी जन आक्रोश समझ नहीं पाई। उन्होंने माना कि हमें शब्दों का चयन सही तरीके से करना चाहिए। ऐसी स्थिति सरकार की निष्क्रियता से पैदा हो गई है। पूरे प्रदेश की जनता सड़कों पर उतर चुकी हैं। ऐसे में जनता की आवाज बनकर आवेश में आकर शब्दों में ऊंच-नींच हुई है, तो मुझे अपने शब्द वापस लेने में भी कोई ऐतराज नहीं है लेकिन उससे पहले सरकार व उसके सरकारी पार्टी के लोग उन्हेें इंसाफ तो दें जिनके साथ अन्याय हो रहा है।
विज्ञापन

डॉ. बिंदल ने कहा कि करसोग में 23 वर्ष के फोरेस्ट गार्ड की हत्या किया जाना, 9 वर्ष की बच्ची के साथ कुल्लू में कुकृत्य कर हत्या किया जाना, चंबा जिला के तीसा में एक स्कूली छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ के बाद यह सरकार और इसके अधिकारी जिस तरीके से गुनाहगारों को बचाने के लिए दोहरे बयान दे रहे हैं वह किसी से छुपा नहीं है। सीएम के फेसबुक पर पहले फोटो अपलोड होती है और फिर हटा दी जाती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इनके नेताओं ने प्रेम कुमार धूमल, अनुराग ठाकुर के पुतले फूंके और मौजूदा समय देश की आवाज बन चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी पुतले फूंके। साथ ही अभद्र शब्दों का भी इस्तेमाल किया। उस वक्त तो पुतला जलाने से किसी को रोका नहीं गया।
विज्ञापन

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य विनय गुप्ता, भाजपा मीडिया प्रभारी विशाल तोमर, जिला परिषद सदस्य मनीष चौहान, वरिष्ठ भाजपा नेता रौंणकी राम, अशोक विक्रम, वेद प्रकाश शर्मा उपस्थित थे।
--आवाज दबाने के लिए जलाए जा रहे पुतले : बिंदल
विधायक बोले, शब्दों में ऊंच-नीच हुआ तो शब्द वापस लेने में हर्ज नहीं
बोले, जिनके साथ अन्याय हुआ उन्हें भी इंसाफ दें सरकार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें