शराब ठेका हटाने को महिलाओं ने बनाई रणनीति
छह गांवों की महिलाओं ने किया बैठक का आयोजन
लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर किया चिंतन
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)। सड़क दुर्घटनाएं रोकने, खस्ताहालत स्वास्थ्य सेवाओं और बस अड्डा के नजदीक खोले शराब के ठेके को हटाने के लिए महिलाएं एकजुट हो गई हैं। संगड़ाह में महिला पंचायत में करीब छह गांवों की महिलाओं ने भाग लेकर विभिन्न समस्याओं पर मंथन किया। उपमंडल संगड़ाह की सड़कों पर वाहन हादसों में गत छह वर्षों में करीब 116 लोगों की जान जाने के बावजूद क्षेत्र में वाहन हादसे रोकने के उपाय नहीं किए गए हैं। इलाका राज्य उच्च मार्ग से भी जुड़ नहीं पाया है, जिस पर महिला पंचायत में मौजूद महिलाओं ने नाराजगी जाहिर की। पंचायत सभागार में आयोजित इस विशेष बैठक में संगड़ाह अस्पताल में चार चिकित्सकों की बजाय महज एक ही चिकित्सक होने पर चिंता जाहिर की गई। महिलाओं ने कहा कि एक ही चिकित्सक होने के कारण वह 24 घंटे सेवाएं देने को विवश है। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बस अड्डे के नजदीक चल रहे शराब के ठेके को कस्बे से बाहर किए जाने के मुद्दे को लेकर भी महिला पंचायत में रणनीति बनाई गई। गत शनिवार को संगड़ाह-रेणुकाजी मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त स्कूल बस में आठ लोगों की मौत की जिम्मेदारी को लेकर केवल मृतक चालक पर एफआईआर दर्ज किए जाने पर भी महिलाओं में नाराजगी जताई। इन सभी मुद्दों को लेकर अगले माह क्षेत्र की महिलाएं संगड़ाह में प्रदर्शन करेंगी। बैठक में संगड़ाह के महिला मंडल संगड़ाह गांव, पावरा, टिकरी, जावगा, काली मिट्टी व डाहर की पांच दर्जन के करीब महिलाओं ने भाग लिया। महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष संतोष कपूर ने बताया कि फरवरी में होने वाले प्रदर्शन की तिथि बाद में तय की जाएगी।