अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/नौहराधार (सिरमौर)। कई दिन से साफ चल रहे मौसम के बीच अचानक बारिश और बर्फबारी से सिरमौर शीतलहर की चपेट में आ गया है। ऊपरी क्षेत्रों में भारी हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। मंगलवार की रात से जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार पर रुक-रुक कर भारी हिमपात हुआ। बुधवार दोपहर तक चूड़धार में तीन फीट से अधिक बर्फ गिर चुकी थी। जबकि, इससे निचले क्षेत्रों नौहराधार और हरिपुरधार में आधा फीट तक बर्फबारी हुई। बर्फबारी से ऊपरी इलाकों के लोग घरों में दुबकने के लिए विवश हो गए हैं। अलाव जलाकर लोग ठंड को दूर भगाने के प्रयास करते रहे। बर्फबारी से सभी मुख्य और संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं। लोगों को छोटे वाहनों की सुविधा भी नहीं मिल पाई। नौहराधार-हरिपुरधार, नौहराधार-राजगढ़, नौहराधार-बोगधार, हरिपुरधार-संगड़ाह, हरिपुरधार-कुपवी, हरिपुरधार-रोहनाट, गत्ताधार-संगड़ाह आदि रूटों पर सवारियों को बस सेवा नहीं मिल पाई। बर्फ गिरने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। कई बच्चे बस सेवा के अभाव में पैदल स्कूल पहुंचे। सरकारी स्कूलों में बच्चों ने ठिठुरते हुए परीक्षा दी। कुछ निजी स्कूलों ने मौसम खराब रहने के कारण परीक्षाएं रोक दी हैं।
फसलों को मिली संजीवनी
बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से किसान बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। ऊपरी इलाकों में बर्फबारी फसलों के लिए खाद का काम करती है। इस समय इलाके में गेहूं, जौ, मटर, टमाटर, अदरक, मूली, आलू आदि फसलों की बिजाई की है। इन फसलों के लिए काफी समय से बारिश की जरूरत थी। बारिश के साथ कई इलाकों में बर्फबारी से किसानों की फसलों को संजीवनी मिली है।