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एससी एक्ट के खिलाफ लामबंद हुआ स्वर्ण समाज

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एससी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज लामबंद
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राजगढ़, संगड़ाह, हरिपुरधार और नौहराधार में बंद रहे बाजार
लोगों ने विरोध स्वरूप रैलियां निकालकर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़/संगड़ाह (सिरमौर)। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज लामबंद हो गया है। भारत बंद के आह्वान का सिरमौर में भी व्यापक असर देखने को मिला। हालांकि, नाहन और पांवटा शहर के मुख्य बाजार खुले रहे लेकिन, राजगढ़, नौहराधार, हरिपुरधार और संगड़ाह में दोपहर तक बाजार बंद रहे। वहीं, सवर्ण समाज के लोगों ने एससी-एसटी एक्ट के विरोध में बाजार में रैलियां निकालीं।
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राजगढ़ में दोपहर करीब 12 बजे तक बाजार बंद रहा। इस दौरान दुकानें ही नहीं बल्कि होटल और ढाबे भी बंद रहे। सवर्ण समाज के लोग लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के पास एकत्रित हुए। यहां से रैली एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई। क्षेत्रीय सभा के अध्यक्ष रत्तन ठाकुर की अगुवाई में एसडीएम नरेश वर्मा को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसके बाद पुराने बस स्टैंड तक रैली निकालते हुए लोगों ने एससी-एसटी एक्ट वापस लो, जुल्म हुआ जो सवर्णों पर, टूट पड़ेंगे सड़कों पर...जैसे नारे लगाकर माहौल को गर्मा दिया। कुछ देर तक खैरी चौक और पुराने बस अड्डे पर रैली रुकी तो वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान एंबुलेंस को लोगों ने जाने दिया, लेकिन पुलिस की गाड़ी फंसी रही। प्रदर्शन में अध्यक्ष रत्तन ठाकुर, राजकुमार, जगदीश वर्मा, विवेक शर्मा, प्रमोद पुंडीर, अंशुल ठाकुर, विवेक प्लाह, वेद प्रकाश शर्मा, रविदत्त शर्मा, कप्तान सिंह, भूपेंद्र ठाकुर, हरदेव ठाकुर, भानू चौधरी, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय चौहान, राजेंद्र ठाकुर, सुरेंद्र तोमर, आशा प्रकाश, सुरेंद्र पुंडीर, दिलावर सिंह, संतराम, अनिल पुंडीर, अनिल शर्मा आदि शामिल हुए। उधर, संगड़ाह, हरिपुरधार और नौहराधार में दोपहर तीन बजे तक बाजार बंद रहे। तीनों स्थानों पर अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न अधिनियम के विरोध में नारेबाजी की गई। कांग्रेस मंडल अध्यक्ष तपेंद्र चौहान, दलीप सिंह चौहान, जयगोपाल शर्मा, रविदत्त शर्मा, चेतन शर्मा, विरेंद्र चौहान आदि दर्जनों लोगों ने रोष रैली निकाली। हरिपुरधार व्यापार मंडल अध्यक्ष अमर सिंह ठाकुर ने कहा कि वह आरक्षण के खिलाफ नहीं है। आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। एससी-एसटीए एक्ट का वह पुरजोर विरोध करते हैं। इसे वापस नहीं लिया गया तो सड़कों पर प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
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