अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/ सतौन/ कालाअंब (सिरमौर)। प्री-मानसून की पहली बारिश ने लोक निर्माण विभाग व एनएच की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। चंद घंटों की बारिश ने जिला सिरमौर के कई सड़कें धो डाली। मैदानी क्षेत्रों की सड़कें तालाब बन गई तो कुछ एक क्षेत्रों की सड़कों पर भारी भूस्खलन ने आवाजाही पूरी तरह रोक दी।
नाहन-ददाहू-हरिपुरधार सड़क मार्ग दो सड़का के समीप दो घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहा। इसके अलावा रेणुका-सतौन सड़क भी रात को ही बंद हो गई। इस मार्ग पर यात्रियों को पैदल सफर कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। जिले की कई सड़कें ऐसी हैं जहां पिछली बरसात के दौरान हुए भूस्खलन से आए मलबे को हटाने की जहमत नहीं उठाई। इस बरसात में भी उन्हीं स्थानों पर सड़कें बंद होने का सिलसिला शुरू हो गया है।
पहाड़ी पर अटके मलबे व बड़े पत्थरों को न हटाए जाने से सड़कें जानलेवा साबित हो रही हैं। नाहन-ददाहू सड़क पर दोसड़का के समीप हुए भूस्खलन से दो घंटे से ज्यादा आवाजाही ठप रही। इस दौरान सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
पिछले साल बरसात के दौरान यहीं पहाड़ी धंसने से सड़क पर गिरे भारी पत्थर व चट्टानें वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई हैं। शनिवार को हुए भूस्खलन से खतरा और बढ़ गया है। हालत यह है कि भूस्खलन वाले मार्ग के निचली तरफ नाहन-कुमारहट्टी एनएच है। पिछली बरसात के मलबे व पत्थर को न तो एनएच प्रशासन ने हटाने की जहमत उठाई और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने। यह मार्ग बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
वहीं, सतौन-रेणुका सड़क मार्ग रात से ही बंद हो गया था। यह मार्ग सुबह आठ बजे के बाद आवाजाही के लिए बहाल हो पाया। सतौन से एक किमी दूर टिक्कर खड्ड के पास सतौन रेणुकाजी सड़क आए दिन थोड़ी बरसात में भी बंद हो रही है।
उधर, औद्योगिक नगरी कालाअंब में एनएच के पानी निकासी के पुख्ता इंतजामों के दावों की पोल भी खुल गई। शनिवार सुबह लगभग पौने दो घंटे की जोरदार बारिश ने इलाके की सड़कों को नाले में तब्दील कर दिया। कालाअंब-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे-07 पर मोगीनंद में सड़कें बारिश से तालाब बन गई।
उधर, सहायक अभियंता निर्मल सिंह ने बताया कि पुलियों के निर्माण स्थल पर पुलियों को ड्रेन से जोड़ने का काम चल रहा है। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। शक्ति नगर के समीप भी काफी समय तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। इससे कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ीं।