पांवटा साहिब(सिरमौर)। वर्ष 1952 से अब तक पांवटा दून विधानसभा में कोई भी नेता विधायक बन कर तीसरी बार विस में नहीं पहुंच सका है। प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करके भाजपा नेता ने इतिहास में सफलता की नई इबारत लिखी है। इस बार जीत दर्ज कर इस नेता ने दो रिकॉर्ड कायम कर लिए है। प्रथम, पांवटा विस क्षेत्र में रिकॉर्ड 12619 मतों से विजयी रहे, दूसरा रिकार्ड तीसरी बार विधायक बन कर शिमला विस में पहुंचने वाले प्रथम नेता बने हैं।
बतातें चलें कि पांवटा विधानसभा क्षेत्र-58 से आज तक कोई भी लगातार तीन जीत दर्ज कर हैट्रिक नहीं बना पाया है। हालांकि, 4 नेताओं ने लगातार 2 बार जीत दर्ज करने की है जिसमें कांग्रेस से कल्याण सिंह 1957 व 1962 में विधायक रहे। कांग्रेस पार्टी से ही कुश परमार ने वर्ष 1982 के बाद लगातार दो बार पांवटा विस क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। फिर, कांग्रेसी नेता सरदार रतन सिंह ने लगातार दो बार 1993 व 1998 में जीत दर्ज की थी। वर्ष 2003 व वर्ष 2007 में बीजेपी नेता सुखराम चौधरी ने लगातार 2 बार जीत दर्ज की है। हालांकि, सुखराम चौधरी भी वर्ष 2012 में हारने के चलते, जीत की हैट्रिक लगाने से चूक गए थे। पिछली बार, निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी किरनेश जंग ने 790 मतों से हरा कर उनका नया इतिहास रचने का सपना तोड़ा था।
पांवटा दून विस क्षेत्र-58 का दूसरा रिकार्ड ये भी रहा था कि कोई भी नेता आज तक जीत दर्ज कर तीसरी बार विस में ही नहीं पहुंच पाया था। इस बार का चुनाव ऐतिहासिक साबित हुआ है।
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जनता जनार्दन का फैसला सिर माथे पर : चौधरी किरनेश जंग
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे चौधरी किरनेश जंग ने कहा कि जनता जनार्दन का फैसला सिर माथे पर है। पांवटा क्षेत्रवासियों ने पिछले विधानसभा चुनाव-2012 में सेवा का मौका दिया था। इस दौरान पांवटा क्षेत्र विकास के लिए हर संभव प्रयास किया गया। हार के बावजूद जनता के बीच रहेंगे। जनता के हर सुख व दु:ख में साथ रहकर सेवा करते रहेंगे। किसी भी चुनाव हार व जीत होती ही है। उन्होंने भाजपा नेता सुखराम चौधरी को जीत की बधाई।