पांवटा साहिब में अकेले 1600 बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाएं परेशान, दफ्तरों के काट रहे चक्कर
संजय कंवर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में देरी से हजारों पात्र लाभार्थियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जिले के 5 हजार से अधिक पेंशनधारकों को पिछले चार महीने से पेंशन नहीं मिली है। पेंशन नहीं मिलने से बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।
अकेले पांवटा साहिब तहसील कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले करीब 1600 पेंशनधारकों को पिछले चार महीने से पेंशन की किस्त नहीं मिली है। इससे कई परिवारों के राशन और दवाइयों का खर्च प्रभावित हो गया है। प्रभावित लोग रोजाना तहसील कल्याण विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि पेंशन का भुगतान कब होगा। बताया जा रहा है कि पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 35 हजार से 50 हजार रुपये तक की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र अनिवार्य था। उस समय अधिकांश पेंशन बीपीएल श्रेणी के लोगों को मिलती थी।
बाद में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए आय संबंधी शर्त हटा दी थी, ताकि अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। अब जिन लाभार्थियों की पेंशन लंबित है, उनमें बड़ी संख्या पूर्व से पेंशन प्राप्त कर रहे लोगों की है।
पेंशनधारक चानणो देवी, शेर सिंह, संतराम और बहादुर सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि बुढ़ापे में उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। कई बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की दवाइयों तथा महीनेभर के राशन का खर्च इसी पेंशन पर निर्भर है। चार महीने से पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द पेंशन जारी करने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तीकरण विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेश शर्मा ने बताया कि कुछ तकनीकी बदलावों के कारण भुगतान प्रभावित हुआ है। इन्हें दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है और अगले तीन-चार दिनों में लाभार्थियों के खातों में पेंशन की राशि जमा कर दी जाएगी।