पांवटा साहिब (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा साहिब के एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद हंगामा हो गया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। वहीं, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। तोड़फोड़ में अस्पताल भवन की खिड़कियों के शीशे और गमले टूट गए हैं। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। परिजनों का आरोप है कि उचित उपचार नहीं मिलने पर नवजात बच्ची की मौत हुई है।
जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब के एक निजी अस्पताल में वीरवार सुबह एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। जामनीवाला बद्रीपुर निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि बुधवार रात उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद वह पत्नी काजल को पांवटा के देवीनगर स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे और उसका रात को ही ऑपरेशन किया गया। काजल ने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से नवजात की मौत हुई है। नवजात बच्ची के स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर भी उचित जानकारी नहीं दी गई। बच्ची को चेक करने को कहा गया। सुबह नवजात की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी और अस्पताल में तोड़फोड़ की गई, जिससे शीशे और गमले टूट गए हैं। हालांकि, निजी क्लीनिक संचालक ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सूचना मिलते ही पुलिस थाना पांवटा के प्रभारी संजय कुमार टीम सहित मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। उधर, डीएसपी पांवटा साहिब सोमदत्त ने मामले की पुष्टि की है। परिजनों की शिकायत पर निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आईपीसी की धारा-336 व 304 (ए) के तहत मामला दर्ज कर गहनता से जांच की जा रही है।