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साक्ष्य जुटाने बकरास पहुंचेंगे एफएसएल निदेशक

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शिलाई (सिरमौर)। बसपा नेता केदार सिंह जिंदान की कथित हत्या के मामले की जांच पुलिस ने लगभग पूरी कर ली है। हालांकि वैज्ञानिक तथ्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम फिर शिलाई का दौरा करेगी। इस बार एफएसएल के निदेशक स्वयं बकरास में आकर साक्ष्य जुटाएंगे। लेकिन, पुलिस जांच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश निकला है। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते एकाएक झगड़े में आरोपियों से जिंदान की हत्या हो गई। यह सुनियोजित षड्यंत्र नहीं था। तीनों आरोपियों ने अपने कबूलनामे में यह बात कही है। एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।
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गुड़िया कांड से सबक लेते हुए जिंदान की कथित हत्या मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पंचायत में बीपीएल सूची में कथित गड़बड़ी की उसने शिकायतें की थीं। बीपीएल सूची में गड़बड़ी की झूठी शिकायतों के अलावा एसटी एक्ट को लेकर भी जिंदान उन्हें परेशान कर रहा था। आरोपियों के बयान के अनुसार मौका-ए-वारदात पर भी केदार जिंदान को समझाने की कोशिश की गई लेकिन, इस दौरान उनसे कहासुनी हो गई। बात हाथापाई तक पहुंची तो आवेश में आकर उनसे यह हत्या हो गई। उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं। जिस गाड़ी से जिंदान को कुचला गया था वह सीज की गई है। जिस डंडे से मारपीट हुई, उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद अब एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार है। एसपी रोहित मालपानी ने कहा कि हत्या की बात आरोपियों ने कबूल की है। एफएसएल के निदेशक शुक्रवार को मौके का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की टीम पहले ही दौरा कर चुकी है लेकिन कोई साक्ष्य छूट न जाएं, इसके लिए निदेशक स्वयं मौके का मुआयना करेंगे।
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कई रहस्यमयी मौतों का नहीं लगा सुराग
जिस क्षेत्र में बसपा नेता केदार जिंदान की हत्या की गई है, उस क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में इससे पहले भी कई लोगों की रहस्यमयी मौतें हो चुकी हैं, जिनकी गुत्थी अभी भी अनसुलझी है। करीब बीस वर्ष पहले दो फेरीवालों (घर-घर सामान बेचने वाले ) के शव खड्ड में कई दिनों बाद मिले थे। 14 वर्ष पहले निरीय खड्ड में बांबल निवासी महेंद्र सिंह का शव बरामद हुआ। दस वर्ष पूर्व भांगी मोड़ पर सड़क किनारे विद्युत ट्रांसफार्मर के समीप अश्याडी गांव के पुनिया राम का शव बरामद हुआ था। करीब छह वर्ष पूर्व बारता गांव के सोबा राम की टिंबी पुल से गिर कर रहस्यमयी मौत हुई थी। जबकि, टिंबी मंदिर में एक सन्यासी बाबा की भी रहस्यमयी मौत की गुत्थी अभी अनसुलझी है।
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