हाईकोर्ट के फैसले की फाइल गुम करने का आरोप
गुस्साए ग्रामीणों ने नाहन में डीसी से की शिकायत
तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली ग्रामीणों पर भारी
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। पांवटा क्षेत्र के तहत आने वाले सालवाला गांव के लोगों ने तहसीलदार पांवटा कार्यालय पर महत्वपूर्ण फाइल गुम करने के आरोप जड़े हैं। इस लापरवाही से खफा क्षेत्र के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को नाहन में उपायुक्त सिरमौर से मिला। ग्रामीणों ने उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसके माध्यम से उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजेंद्र सिंह, रतन सिंह, सुकडू राम, जसमीर, कमला देवी, रीना देवी, दीनानाथ आदि ने उपायुक्त ललित जैन को बताया कि उनका रास्ता वर्ष 2012 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। वर्ष 2014 में अदालत ने उनके पक्ष में निर्णय दिया, जिसमें 12 फीट चौड़ा रास्ता उन्हें देने का फैसला सुनाया गया। अदालत के निर्णय की फाइल तहसीलदार पांवटा के कार्यालय को उपलब्ध करवाई गई। अब जब मामले में रिकॉर्ड दर्ज करने की मांग की जा रही है तो कानूनगो उन्हें गुमराह कर रहे हैं। इसकी शिकायत तहसीलदार से भी की गई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते 2016 में आरटीआई लगाई गई लेकिन फाइल देने की बजाय टाल मटोल किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले को चार साल हो चुके हैं। फाइल का कुछ पता नहीं है। इससे वे सभी परेशान हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले में उचित कार्रवाई करने और रास्ते को पक्का करने के निर्देश देने की मांग की। उपायुक्त ललित जैन ने कहा कि शिकायत मिली है। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।