पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा के गोरखूवाला श्यामपुर में क्रशरों के खिलाफ ग्रामीण लामबंद होना शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों ने गिरि नदी में दो पंचायतों की ओर से दी गई एनओसी को रद्द करने की मांग की है। ग्रामीणों ने क्रशर संचालित करने पर महिलाओं समेत सड़कों पर उतर कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा से मिला। ग्रामीणों ने एसडीएम से मौके का निरीक्षण करने की मांग रखी। नंबरदार रामपाल सिंह, सोहन लाल, रतन सिंह, गुलजार सिंह, कंवर सिंह, जसमेर सिंह, रणदीप सिंह, अनीता, रामेश्वर, संजय, सुखराम, मदन लाल, जगत सिंह, श्यामलाल, राममूर्ति, रामकुमार समेत गोरखूवाला श्यामपुर और खोड़ोंवाला के ग्रामीणों ने कहा कि मानपुर देवड़ा व श्यामपुर गोरखूवाला पंचायतों ने स्टोन क्रशरों के लिए एनओसी जारी कर दी है। इसमें किसानों और ग्रामीणों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है।
गोरखूवाला से मानपुर टिब्बी पुल तक गिरि नदी का तट करीब पांच किलोमीटर लंबा और डेढ़ किमी चौड़ा है। इसमें करीब एक दर्जन गांव के मवेशियों के चारागाहें हैं। गांव के दोनों तरफ सिंचाई की कूहलें हैं। जो करीब 6 हजार बीघा भूमि को सिंचाई सुविधा देती है। यह पानी गिरी के मुहाने से ही कूहलों में आता है। क्रशरों के संचालन से कूहलें समाप्त होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि बांगरन पुल से टिब्बीघाट तक छह किमी क्षेत्र है।
इसमें रावमापा पाठशाला गोरखूवाला, मिडल स्कूल खोड़ोंवाला, प्राथमिक पाठशला श्यामपुर है। गोरखूवाला बाबा बालक नाथ मंदिर व श्यामपुर शिव मंदिर भी क्रशर की जद में आएंगे। दूधला बीट में वन परिक्षेत्र की पौधशाला तथा आधा दर्जन गांवों का श्मशानघाट स्थल तक क्रशर संचालित होने पर प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने कहा है कि गिरि नदी में क्रशर संचालित करने की तैयारियां की जा रही हैं। इससे आसपास क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा। आसपास क्षेत्र की फसलों को भी प्रदूषण से क्षति पहुंचेगी। ग्रामीणों ने क्रशर संचालन के खिलाफ हैं। उन्होंने मांग की है कि ग्राम पंचायतों द्वारा जारी एनओसी को रद्द किया जाए।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि क्रशरों को संचालित करने का हर स्तर पर विरोध होगा। जिला व स्थानीय प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया तो महिलाओं को साथ लेकर आंदोलन करेंगे। एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।