नाहन (सिरमौर)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशानुसार अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन में जीवन कौशल पर आधारित क्षमता संवर्धन कार्यक्रम (सीबीपी) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़, नारायणगढ़, अंबाला और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से 40 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इस दौरान रिसोर्स पर्सन अकाल अकादमी बड़ू साहिब की अमनप्रीत सैनी और दीक्षांत ग्लोबल स्कूल जीरकपुर की समन्वयक नेहा अग्रवाल ने शिक्षकों के साथ अपने अनुभव साझा किए। अमनप्रीत सैनी ने आत्म-अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास जैसे जीवन कौशलों के महत्व पर प्रकाश डाला। नेहा अग्रवाल ने आलोचनात्मक चिंतन, प्रभावी संचार, सहयोग, रचनात्मकता और समस्या समाधान के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या स्टिमी मारिया ने कहा कि वर्तमान बदलते शैक्षिक परिवेश में विद्यार्थियों की सफलता केवल पाठ्य पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास, प्रभावी संचार, भावनात्मक संतुलन, निर्णय लेने और समस्या समाधान जैसे कौशलों से सशक्त बनाना आवश्यक है।विद्यालय के चेयरमैन अनिल जैन, महासचिव सचिन जैन और अतिरिक्त कार्यभार देख रहे सम्यक जैन ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आत्मविश्वासी, जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्षम नागरिक बनाना है।