नहीं थमा विवाद, तीसरे दिन भी नहीं हुई ढुलाई
डिमांड को लेकर सीसीआई प्रबंधन खामोश
पांवटा-शिलाई के समीप ट्रांसपोर्टरों ने गाड़े तंबू
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सीसीआई राजबन में सीमेंट ढुलाई को लेकर उपजा विवाद जारी है। इकाई से रोज 500 से 600 टन सीमेंट डिस्पैच होता है। विवाद के चलते तीसरे दिन भी सीमेंट की सप्लाई ठप रही। सिरमौर मल्टी एक्सल यूनियन को एक माह तक पूर्व की तरह कार्य रखने पर ट्रक ऑपरेटर विरोध कर रहे हैं। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के सदस्यों ने सोमवार को भी विरोध जारी रखा। इकाई से करीब दो किलोमीटर दूर एनएच किनारे ट्रांसपोर्टरों ने अपने तंबू गाड़ दिए हैं।
नई टेंडर प्रक्रिया पूरा होने तक सीसीआई इकाई प्रबंधन ने पूर्व की भांति ढुलाई प्रक्रिया जारी रखने का फैसला लिया था। इसमें मल्टी एक्सल ट्रक सोसायटी को 70 फीसदी और सिरमौर ट्रक ऑपरेटर सोसायटी पांवटा को 30 फीसदी सीमेंट ढुलाई कार्य दिया जा रहा है। लेकिन, ट्रक ऑपरेटर सोसायटी इसका विरोध कर रही है। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बलजीत सिंह नागरा का कहना है कि जिस सोसायटी का पंजीकरण रद्द हो चुका है, वह उसे किस हैसियत से ढुलाई कार्य इकाई प्रबंधन देने जा रही है। कानून की अवहेलना नहीं होनी चाहिए। 10 अगस्त से इकाई प्रबंधन के सरासर गलत फैसले का विरोध हो रहा है। राजबन सीसीआई इकाई प्रबंधन बिना किसी दबाव के उचित फैसला ले। यूनियन के प्रधान और पदाधिकारियों का कहना है कि सोमवार को भी इकाई प्रबंधन के डिमांड नहीं देने से हैरान हैं। सोमवार को भी पांवटा-शिलाई एनएच पर बांगरन संपर्क मार्ग के समीप ऑपरेटरों का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रहा है। डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया कि दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया है। राजबन क्षेत्र में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
ढुलाई कार्य का विरोध गलत : प्रदीप
ट्राला ऑपरेटर संघ के प्रधान प्रदीप सिंह ने कहा कि ट्रक यूनियन द्वारा विरोध करना गलत है। प्रशासनिक अधिकारियों को
भी निष्पक्ष कार्य करना होगा। इकाई प्रबंधन ने टेंडर प्रक्रिया तक पूर्व की भांति माल ढुलाई का फैसला लिया है।