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नए खुले रोनहाट कॉलेज में एक भी प्रवक्ता नहीं

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शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई के दुर्गम क्षेत्र रोनहाट में खुुले राजकीय महाविद्यालय के हालात प्राइमरी स्कूल जैसे हो गए हैं। पांच कक्षाओं के लिए कई प्राइमरी स्कूलों में एक ही शिक्षक तैनात किया गया है। रोनहाट कॉलेज के भी यही हालात बन गए हैं। यहां प्राचार्य ही खुद विद्यार्थियों को तालीम दे रहे हैं। स्वयं विज्ञान संकाय के शिक्षक रहे प्राचार्य अब आर्ट्स के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। कॉलेज में वर्तमान में एक भी प्रवक्ता नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के सरकारी दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं।
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पूर्व सरकार ने सिरमौर के रोनहाट में कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। घोषणा के तुरंत बाद अधिसूचना जारी हुई और पंचायत घर में कॉलेज शुरू हो गया। इस साल कुल 17 नए विद्यार्थियों ने कॉलेज में दाखिला लिया है, जबकि 38 विद्यार्थी तृतीय सेमेस्टर के यहां पहले से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से एक विद्यार्थी कॉमर्स विषय का भी है। हैरत यह है कि सरकार ने यहां कॉलेज तो खोल दिया, लेकिन स्टाफ भेजने की जहमत नहीं उठाई। कॉलेज में कॉमर्स, अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र तथा इतिहास के प्रवक्ताओं के पद स्वीकृत हैं लेकिन कॉलेज में एक भी प्रवक्ता नहीं है। इसके अतिरिक्त अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक के भी पद खाली हैं। मात्र प्रधानाचार्य के सहारे कॉलेज चल रहा है। कॉलेज में अध्ययनरत छात्र अरविंद, नीलम, रवीना, गौरव और क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूर्व सरकार ने यहां आनन-फानन में कॉलेज तो खोल दिया लेकिन स्वीकृत किए गए पदों को नहीं भरा गया। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि यहां प्रवक्ताओं के पद भरे जाएं। कॉलेज प्राचार्य हेमंत कुमार ने कहा कि वह विज्ञान संकाय से रहे हैं। वह बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कॉलेज में खाली चल रहे पदों के बारे में आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है।

पूर्व कांग्रेस सरकार ने जनता की मांग पर कालेज खोला था। पद स्वीकृत कर स्टाफ का भी वंदोवस्त कर कालेज आरंभ किया। लेकिन, वर्तमात सरकार ने यहां तैनात स्टाफ का तबादला कर दिया। जब पद स्वीकृत हैं तो सरकार को यहां स्टाफ भेजना चाहिए। इस बारे में वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर स्टाफ की मांग करेंगे।
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